शरद नवरात्रि पर आ रही हैं माँ दुर्गा, कर लीजिए अपनी पूरी तैयारी – जानें कब है कलश स्थापना से नवमी तक के शुभ समय

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durga puja

डेस्क : नवरात्रों का समय आने वाला है। श्राद्ध खत्म होते ही नवरात्रों की चहल-पहल बढ़ जाएगी। बता दे की हिंदू कैलेंडर के हिसाब से साल में 5 बार नवरात्र आते हैं। इसमें सबसे पहले चैत्र फिर आषाढ़, अश्विन, पौष और माघ शामिल है। हिंदू लोग अक्सर ही चैत्र और आश्विन नवरात्र को मुख्य मानकर देवियों की पूजा अर्चना करते हैं। साथ ही पौष, आषाढ़ और माघ के नवरात्रों को गुप्त तरीके से मनाते हैं।

देवी दुर्गा माँ की पूजा बिहार में कुछ अलग प्रकार से देखने को मिलती है। यदि बंगाल की बात करें तो वहां पर दुर्गा माँ को अलग तरीके से पूजा जाता है। ऐसे में एक त्यौहार को अलग-अलग तरीके से मनाना ही देश की अखंडता है। बता दें कि देवी दुर्गा माँ को तंत्र की देवी भी माना जाता है। ऐसे में उनके कालिका रूप की पूजा की जाती है। मंदिर में नवरात्र के समय पर अलग ही चहल-पहल देखने को मिलती है। लंबे समय से बली की परंपरा चली आ रही है। लोग ऐसा करते हैं ताकि मैं अपने घर से नकारात्मक शक्तियों को खत्म कर सकें।

नवरात्रि शुरू होने के वक्त घर पर कलश स्थापित किया जाता है। कलश स्थापित करते ही नवरात्रि के 9 दिन शुरू हो जाते हैं और दुर्गा सप्तशती का पूजा पाठ शुरू हो जाता है। बता दें कि देश भर में नवरात्रि को धूमधाम से मनाया जाता है। हर जगह शक्तिपीठ मेले लगते हैं। लोग मंदिरों में जागरण करवाते नजर आते हैं, शास्त्रों के मुताबिक भगवान श्रीराम ने देवी शक्ति की आराधना नवरात्रि में पूरी की थी और राक्षस रावण का वध किया था। पूरे समाज में तब यह संदेश गया था कि हमेशा बुराई पर अच्छाई की जीत होती है। कलश स्थापना 7 अक्टूबर को किया जाएगा। ऐसे में नवरात्रि की शुरुआत भी इसे दिन हो जाएगी। इसके बाद नवरात्रि नवमी 14 अक्टूबर को मनाई जाएगी। वही दशमी 15 अक्टूबर को मनाई जाएगी।