पटना के प्राइवेट हॉस्पिटल में मिले 38 किलो हाथी दांत – डॉक्टर हुआ गिरफ्तार

डेस्क : वाइल्डलाइफ कंट्रोल ब्यूरो कोलकाता की कार्रवाई के बाद पटना के अगम कुआं थाना क्षेत्र के एक प्राइवेट अस्पताल से 38 हाथी के दांत बरामद किए गए हैं। बता दें कि मौके से तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तारी में निजी अस्पताल के डॉक्टर ज्योति कुमार के साथ-साथ बंटी और रवि रंजन पकडे गए हैं। यह तीनों चिरायु अस्पताल में ही कार्य करते हैं। बता दें कि डॉक्टर ज्योति कुमार इस वक्त वैशाली जिले के भाजपा जिलाध्यक्ष हैं। फिलहाल टीम इस पूछताछ में जुटी है कि आखिर यह दांत कहां से लाए गए हैं।

इस तस्करी की जानकारी पहले से वाइल्डलाइफ कंट्रोल ब्यूरो को मिल गई थी, जिसके तहत उन्होंने अपनी एक टीम कोलकाता पहुंचा दी थी। उसके बाद पटना के डीएफ इलाके के थाने का सहयोग लेते हुए अस्पताल में छापामारी की गई।

अधिकारियों ने ग्राहक बनकर तस्करों से बातचीत की, बता दें की तस्करों को गोरखपुर से फोन आया कि वह हाथी के दांत खरीदना चाहते हैं। उनको पटना बुलाया गया और वहां पर अगम कुआं थाना पुलिस के साथ उनकी मुलाकात हुई। फिर कोलकाता वाइल्डलाइफ कंट्रोल ब्यूरो ने इस छापेमारी में मिलकर साथ दिया। जानकारी में यह बात सामने निकल कर आई है कि जिस हाथी के दांत का इस्तेमाल किया है वह मालिक आसाम से है और उसको हाथी पालना पसंद है। इस मामले के सूत्र आसाम से जुड़े हुए हैं। बता दें कि एशिया के हाथी आसाम में ही पाए जाते हैं।

बीते वक्त भी कई ऐसे मामले सामने आएं हैं जहाँ पर हाथी के दांत बेचे गए हैं। बता दें की तस्कर हाथी को बेहोश कर उसके दांत निकाल लेते हैं। कई तस्कर हाथियों को उनके दांत निकलने के लिए मार देते है। ऐसे में भारत की संसद द्वारा विलुप्त होते जानवर और उनके आवास को बचाने के लिए वाइल्डलाइफ प्रोटेक्शन एक्ट नामक कानून 1972 में भारत सरकार द्वारा लाया गया था। कानून के उल्लंघन पर उचित सजा का प्रावधान है।

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