आखिर BPSC की परीक्षा में महिलाओं को 35% आरक्षण क्यों दिया जा रहा? पटना हाईकोर्ट ने पूछा सवाल..

डेस्क : BPSC परीक्षा में महिलाओं को 35 प्रतिशत आरक्षण नहीं दिये जाने पर पटना हाईकोर्ट ने अब कड़ा रुख अख्तियार किया है। आयोग को एक सप्ताह के भीतर ही इसे लागू करने तथा सहायक अभियंता बहाली के लिये प्रकाशित मूल विज्ञापन में आवश्यक शुद्धि पत्र जारी करने के कोर्ट के आदेश को लागू नहीं करने पर जवाब भी मांगा है। हाईकोर्ट ने 1 सप्ताह के भीतर ही अदालती आदेश का पालन करने का आदेश भी दिया है। आदेश का पालन नहीं किये जाने पर राज्य सरकार को बतौर जुर्माना 25 हजार रुपये पटना हाईकोर्ट लीगल सर्विस कमेटी में जमा कराने को भी कहा है।

सुषमा कुमारी की तरफ से दायर अर्जी पर न्यायधीश पीबी बैजंत्री की एकलपीठ ने सामान्य प्रशासन विभाग को महिला आरक्षण के लिए निर्धारित रिक्तियों के वर्गीकरण में सुधार हेतु तथा बिहार लोक सेवा आयोग को विभिन्न विभागों में सहायक अभियंता के पद पर बहाली के मूल प्रस्ताव में भी आवश्यक शुद्धि पत्र जारी करने का आदेश दे दिया था लेकिन हाईकोर्ट के आदेश का पालन नहीं किया गया। जिसके बाद आवेदिका सुषमा कुमारी ने हाईकोर्ट में एक अवमानना अर्जी दायर की। हाई कोर्ट ने इसे गंभीरता से लेते हुए बिहार सरकार को एक सप्ताह के भीतर ही अदालती आदेश का पालन करने का आदेश दिया हैं। वहीं, हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि आदेश पालन नहीं किये जाने पर सरकार को 25 हजार रुपये तक बतौर जुर्माना पटना हाईकोर्ट लीगल सर्विस कमेटी में भी जमा कराना होगा।

इसके पहले बिहार सरकार की ओर से हाईकोर्ट को यह बताया गया कि एकलपीठ के आदेश के खिलाफ LPA अपील दायर की गई है। जिस पर आने वाले 31 अगस्त को सुनवाई निर्धारित की गई है। उन्होंने इस मामले पर फिलहाल सुनवाई टालने का अनुरोध किया था। हाईकोर्ट ने उनके इस अनुरोध को सिरे से खारिज कर दिया हैं। राज्य में महिलाओं को 35 प्रतिशत आरक्षण देने की घोषणा 15 फरवरी 2016 को कर दी गई थी लेकिन इसे पूर्णरूप से अब तक लागू नहीं किया गया। साथ ही मामले पर अगली सुनवाई की तारीख 25 अगस्त तय की गयी थी।

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