बेगूसराय ने पूरे किए अपने 49 वर्ष, जानें कैसे किया पगडंडियों से फोरलेन तक पहुंचा अपना जिला

डेस्क : एक समय पर बिहार में बेगूसराय नाम से कुछ नहीं था यदि बात करें तो आज का बेगूसराय मुंगेर जिला के साथ मिला हुआ था। सन 1972 में बेगूसराय जिला का निर्माण हुआ, तब लोग पगडंडियों के सहारे बेगूसराय जिला पहुंचते थे। आज हम बेगूसराय में पक्की सड़क और हाईवे का निर्माण होते हुए देख रहे हैं। इतना ही नहीं एक समय पर यहां पर डीएम कार्यालय भी उपस्थित नहीं था। यहाँ पर धीरे-धीरे विकास होता गया और डीएम कार्यालय तैयार हुआ।

एक समय ऐसा था जब बेगूसराय में तांगा और बैल गाड़ी चला करते थे, लेकिन आज टांगे और बैलगाड़ी की जगह हमें सरपट दौड़ते हुए मोटर वाहन दिखाई दे रहे हैं। सरकारी कार्यालय के नाम पर बेगूसराय मुख्यालय मौजूद है। एक समय पर यहां सरकारी आवास और ऑफिस देखने को नहीं मिलते थे।

20 साल पहले बेगूसराय में बिजली का नामो-निशान नहीं था। जब लोग रात में चलते थे तो उन्हें डर लगता था कि कहीं कोई लूट ना ले लेकिन आज के समय में यहां पर चकाचौंध बढ़ गई है। हर चौखट पर रोशनी पहुंच गई है। सड़कों पर रोशनी के जरिए वाहन दिन-रात दौड़ते हैं। लोगों ने आलीशान मकान बना लिए हैं पानी की टंकी और शौचालय से अपने आसपास का वातावरण लोगों ने भरपूर प्रयास करके शुद्ध रखा हुआ है।

बेगूसराय के जिले में एक ऐसा दौर था जब वहां पर शिक्षा का अभाव नजर आता था लोगों को दूर से अनेकों किलोमीटर साइकिल चलाकर लंबा फैसला तय करते हुए स्कूल जाना होता था लेकिन अब स्कूल और अस्पताल बन गए हैं। हाल ही में बेगूसराय ने सबसे ज्यादा टीकाकरण का रिकॉर्ड बनाया है जिसे मिशन जय के तहत स्वीकारिता मिली है।

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