बिहार वासियों के लिए बुरी खबर – आर्सेनिक के बाद अब आया मुँह का कैंसर – बेगुसराय के साथ ये 3 जिले गंभीर रूप से पीड़ित

डेस्क : बिहार के लोगों के आगे अब एक और समस्या आ गई है। बीते 5 महीनों में बिहार में 56 कैंसर के कनफर्म केस आए हैं। यह जानकारी सरकार द्वारा कार्यक्रम की निगरानी के समय बाहर निकल कर आई है। निगरानी कर रहे अधिकारियों ने कहा कि टाटा मेमोरियल सेंटर (टीएमसी) के साथ मुंबई की एक टीम और होमी भाभा कैंसर अस्पताल अनुसंधान केंद्र के लोग इस विषय पर जांच कर रहे हैं। यह एक तरह का कैंसर जांच कार्यक्रम है।

नोडल अधिकारी डॉक्टर रविकांत सिंह का कहना है की अब तक 5 लोगों की मौत हो चुकी है। 7 लोगों की पूर्ण सर्जरी की गई है और 9 जनों की कीमोथेरेपी की जा रही है। नोडल अधिकारी ने बताया की बिहार के 38 जिलों में से 14 जिलों में 940 शिविर आयोजित किए गए हैं जिनमें लगभग 80,000 लोगों ने हिस्सा लिया। डॉक्टरों का कहना है अब तक हमने से 1,800 लोगों की जांच की गई है। हमें इन लोगों में कैंसर होने की संभावना नजर आई थी।

सरकार का यह जांच कार्यक्रम 14 जिलों में चल रहा है। बिहार में मुख्य रूप से पटना, बक्सर, आरा, बेगूसराय, भागलपुर, नालंदा, गया, सुपौल, मुजफ्फरपुर, वैशाली, दरभंगा, औरंगाबाद, मधुबनी और समस्तीपुर में बड़े स्तर पर शिविरों में जांच हो रही है। डॉक्टर की सिंह जो की एक कैंसर विशेषज्ञ हैं उनका मानना है की कैंसर के सबसे ज्यादा मरीज बेगूसराय, औरंगाबाद, पटना और भागलपुर में मौजूद हैं। यह कैंसर जांच शिविर पहले कोरोना के कारणों के चलते देरी से हुआ। हफ्ते में 2 बार कैंसर शिविर लग रहे हैं। यह कैंसर लोगों के मुँह से होते हुए गर्दन और दिमाग तक पहुँच गया है जिसकी कीमोथेरेपी के जरिए इलाज हो रहा है।

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