बिहार में बनने जा रहा है नेशनल डॉल्फिन रिसर्च सेंटर, अब मछलियों के संरक्षण के साथ फलेगा-फूलेगा पर्यटन

Bihar national dolphin research center near patna university

डेस्क : राजधानी पटना में मानसून ख़त्म होते ही शुरू होगा नेशनल डॉलफिन रिसर्च सेंटर। बिहार सरकार नेशनल डॉलफिन रिसर्च सेंटर(NDRC) बनाने की तैयारी में जुटी हुई है। सरकार ने डॉलफिन मछली का संरक्षण करने के लिए यह एक बेहतरीन विकल्प है। इस रिसर्च सेंटर से मछलियों पर शोध किया जाएगा। एक लम्बे समय से इस रिसर्च सेंटर के निर्माण कार्य की बात चल रही थी। अधिकारियों का कहना है की जल्द ही यह पटना में बनकर तैयार हो जाएगा, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

पटना यूनिवर्सिटी जो गंगा नदी के किनारे है, वहां पर NDRC को तैयार करने की योजना चल रही है। इस सेंटर को 4400 स्क्वायर किलोमीटर में तैयार किया जा रहा है। डॉलफिन एक ऐसी मछली है जो भारत की प्रमुख नदियों से अब विलुप्त हो रही है। गंगा नदी से इस सेंटर का निर्माण मात्र 200 मीटर की दूरी पर होगा। ऐसे में बिहार के वन विभाग से भी दिशा निर्देश जारी किए गए है की आस पास किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य न किया जाए क्यूंकि यहाँ पर डॉलफिन के रहने की जगह को सुरक्षित किया जा रहा है। सरकार और NDRC लम्बे वक्त से यह कार्य नहीं कर पा रहे थे क्यूंकि कुछ ज़रूरी काम की वजह से कहीं न कहीं पेंच फस जाता था, लेकिन अब सरकार ने साफ़ कहा है की 2022 तक यह कार्य पूरा कर दिया जाएगा।

NDRC लंबे समय से डॉलफिन के इस रुके हुए सेण्टर को बनाने का इंतजार कर रहा है, अब सरकार की तरफ से जो घोषणा की गई है जो की एक ख़ुशी की बात है। NDRC के एक्सपर्ट RK Sinha का कहना है की बिहार एक ऐसी जगह है, जहाँ पर 50 प्रतिशत तक डॉलफिन मछलियां आसानी से रह सकती हैं। इस कार्य को निति आयोग से 2011 और 2012 में अप्रूवल मिल गया था। इस कार्य की नींव रखने के लिए बिहार के मुख्यमंत्री ने फण्ड भी तैयार किया था जिसकी स्थापना बीते वर्ष की गई थी। डॉलफिन स्केडुल 1 की प्रजाति है और इसको वाइल्डलाइफ प्रोटेक्शन कानून 1972 की तरफ से संरक्षण भी प्राप्त है।

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