KK Pathak का नया फरमान, धरना-प्रदर्शन करने वाले नियोजित शिक्षकों पर होगा स्ट्रिक्ट एक्शन

बिहार शिक्षा विभाग के एसीएस केके पाठक (KK Pathak) अपनी कड़ी कार्यशैली की वजह से अक्सर चर्चा में रहते हैं। वह अक्सर कोई नए न कोई नियम कानून जारी करते रहते हैं। केके पाठक (KK Pathak) के एक नए नियम ने नियोजित शिक्षकों की रातों की नींद उड़ा दी है। इस नियम के अनुसार नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा तभी मिलेगा जब वे सक्षमता परीक्षा पास करेंगे।

इसके लिए उन्हें तीन मौका दिया जाएगा। यदि वे तीनों बार इस परीक्षा में सफल नहीं हो पाए तो उन्हें शिक्षक (Teacher) सेवा से हटा दिया जाएगा। इस नियम का विरोध करते हुए शिक्षक संघ ने 13 फरबरी को विधानसभा का घेराव करने का फैसला लिया है। इस मामले में नया आदेश जारी किया गया है।

शिक्षा विभाग का स्ट्रिक्ट एक्शन

शिक्षक संघ की धरना प्रदर्शन की बात पर शिक्षा विभाग का रूख कड़ा दिखाई दे रहा है। विभाग ने इन शिक्षकों पर प्राथमिक की दर्ज करने समेत अन्य कार्रवाई का निर्देश जिला अधिकारियों को दिया है। विभाग की यह सख्त हिदायत है कि नियोजित शिक्षकों के द्वारा यदि धरना प्रदर्शन रखा जाता है तो आईपीसी (IPC) की धारा 141 के तहत उसे गैरकानूनी सभा माना जाए और उनपर जरूरी कार्रवाई की जाए।

सक्षमता परिक्षा का लाभ

सक्षमता परीक्षा में शामिल होने वाले शिक्षकों को तीन जिलों का विकल्प भी मांगा जा रहा है। परीक्षा के बाद बनने वाली मेधा सूची के आधार पर विकल्प वाले जिलों में शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। इन शिक्षकों को बिहार लोक सेवा आयोग (Bihar Public Service Commission) के माध्यम से चुने गए शिक्षकों के तर्ज पर वेतनमान और अन्य सुविधाएं दी जाएगी। उन्हें वेतन संरक्षण का भी लाभ दिया जाएगा।

हो रहा ऑनलाइन आवेदन

सक्षमता परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन (Online Application) लिया जा रहा है। 26 फरवरी से परीक्षा शुरू होगी। इस परीक्षा में सफल होने वाले नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा प्राप्त होगा। इस परीक्षा को पास करने के लिए शिक्षकों को तीन मौका दिया जाएगा। जो तीन बार में भी परीक्षा में सफल नहीं हो पाएंगे उनकी सेवा समाप्त करने का फैसला लिया गया है।

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