नियोजित शिक्षकों की बहाली प्रक्रिया अब जल्द होगी पूरी, शिक्षा मंत्री ने दी जानकारी

डेस्क : भारतीय शिक्षा प्रणाली में प्रमाद से भरे लोग कार्य कर रहे हैं। ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि बीते कुछ वर्षों के आंकड़े बताते हैं कि भारत में रोजगार की स्थिति साल दर साल कम हो रही है। हर चुनाव में सिर्फ एक ही मुद्दा नेताओं की जुबान पर रहता है और वह रोजगार का होता है। जब जनता उन पर भरोसा करके उनको सत्ता में लाती है तब जनता को विश्वास होता है कि आने वाले समय में उन को रोजगार मिलेगा। लेकिन, कुछ समय बाद जनता को यह एहसास होता है कि उनके द्वारा चुना गया व्यक्ति रोजगार लाने में असफल है।

बात करें बिहार के रोजगार की तो यहां पर भी स्थिति जस की तस है कई समय से बिहार में नियोजित शिक्षकों की बहाली में देर हो रही है ऐसे में इस प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करना राज्य सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। शिक्षा के क्षेत्र की खबरें बीते कुछ समय से कुछ इसी प्रकार की रही है। इनको सुनकर किसी को भी संतुष्टि नहीं मिली है एक तरफ 90 हजार से ज्यादा विद्यालयों में प्राथमिक शिक्षा के लिए पद खाली हैं वहीं दूसरी ओर नीतीश सरकार एक ऐसी प्रणाली तैयार करने में लगी है जो इस बात का दावा करती है कि बिहार में शिक्षकों की भर्ती के लिए पारदर्शिता का कार्य किया जा रहा है एवं सभी शिक्षकों को सरकार का साथ देना चाहिए। उनके हिसाब से वह जहां पढ़ाना चाहते हैं वहां उनका तबादला किया जाए, साथ ही शिक्षकों के वेतन में सुधार हो और इसी तरह की अन्य बातें। बिहार की शिक्षा जर्जर है यह बिहार ही नहीं बल्कि पूरा देश जानता है।

शिक्षा के नाम पर धांधली का व्यवसाय होता है जहां पर छात्र नकल करते हुए पकड़े जाते हैं।ऐसे में छात्र जो पास हो जाते हैं वही आने वाली पीढ़ी के शिक्षक बन जाते हैं, कितने ही शिक्षकों ने बिना किसी डिग्री कर विद्यालयों में जगह बना ली है और वह उनको पढ़ा रहे हैं। ऐसे शिक्षकों पर कमर कसने के लिए भी सरकार ने कमेटी गठित की है जिसका कार्य यह रहेगा कि सभी शिक्षकों के सभी दस्तावेजों को सुनिश्चित करके रखा जा सके और समय रहते गलत शिक्षकों को प्रणाली से बाहर किया जा सके।

राज्य में इस वक्त छठे चरण की नियोजन प्रक्रिया जल्द शुरू होने वाली है और इसको लेकर शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने पुख्ता रूप से जानकारी दी है। शिक्षा मंत्री का कहना है कि राज्य में नियोजित शिक्षकों की भर्ती के लिए सरकार बाध्य है माध्यमिक और उच्चतम माध्यमिक शिक्षा को व्यवस्थित करने के लिए सरकार लगातार योजनाएं बना रही है। राज्य में नए विश्वविद्यालयों की स्थापना चल रही है और नए पुस्तकालय भी खुलने जा रहे हैं, ऐसे में बिहार विधानमंडल का बजट सत्र भी चल रहा है।

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