Bihar में अब गोवा का मजा! यहां शुरू हुआ वाटर स्पोर्ट्स जोन, जानिए क्या है खास ?

डेस्क : पर्यटन के क्षेत्र में विस्तार तथा प्रसिद्धि के लिए बिहार लगातार पिछले कुछ वर्षों से प्रयत्नशील रह रहा है ।जहां एक तरफ नए नए पर्यटन स्थल विकसित किए जा रहे हैं। वही साथ ही साथ पुराने पर्यटन स्थलों का भी नवीनीकरण कर उन्हें बेहतर अवस्था में लाया जा रहा है ।ताकि ज्यादा से ज्यादा पर्यटक बिहार की ओर आकर्षित हो सकें। हाल ही में उत्तर बिहार के कई सारे जलाशयों में काफी व्यवस्थाएं करवाई जा रही है। यह जलाशय पर्यटन को समृद्ध कर रहे हैं। इनमें मुख्यता पश्चिम चंपारण का अमवा मन तथा सरैया मन और पूर्वी चंपारण का मोतिहारी स्थित मोतीझील प्रमुख हैं। इन सभी को पर्यटकों को लुभाने के दृष्टिकोण से विकसित किया जा रहा है। इसी संबंध में अमबा जलाशय में मोटर स्पोर्ट्स की शुरुआत की गई है जो कि काफी अलग तरह की पहचान इस जगह को दे रहा है।

ट्रैन, हवाई जहाज सभी तरह के परिवहन से पहुँचा जा सकता है अमवा मन : वाल्मीकि टाइगर रिजर्व से 100 किलोमीटर दूर अमवा मन जिला मुख्यालय बेतिया से करीब 25 किलोमीटर दूर पड़ता है। यह राजधानी पटना से सड़क मार्ग से करीब 200 किलोमीटर दूर स्थित है। ट्रेन से आवागमन करने वाले यात्री सुगौली स्टेशन से उतरकर भी अमवा मन जा सकते हैं। स्टेशन से यह केवल 10 किलोमीटर की दूरी पर है। उत्तर प्रदेश का कुशीनगर एयरपोर्ट अमवा मन से लगभग 100 किलोमीटर और दरभंगा का एयरपोर्ट 160 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

पर्यटकों को लुभा रहे तरह तरह के वाटर स्पोर्ट्स : अमवा मन में पर्यटकों को आकर्षित करने हेतु कुछ दिनों पहले ही वाटर स्पोर्ट्स जोन की शुरुआत की गई है। 175 एकड़ में फैले हुए अमवा मन में पैरासेलिंग बोर्ड ,वाटर स्कूटर, छोटी नाव जिसे कायाक कहा जाता है। पैडल बोट के साथ अन्य कई तरह की व्यवस्थाएं की गई है। एक 10 सदस्य टीम को मुंबई से मंगवाया गया है जो इन सब का संचालन कर रही है। इन वॉटर स्पोर्ट्स के लिए अलग-अलग शुल्क भी तय किए गए हैं। जैसे बोटिंग के लिए ₹100 तो पैरासेलिंग के लिए ₹800 टिकट की कीमत रखी गई है। सुरक्षा की दृष्टिकोण से रेस्क्यू टीम भी रखी गई है। साथ ही साथ मेडिकल टीम, गोताखोरों की टीम इन सब की व्यवस्था भी दुरुस्त रखी गई है। संभवत आने वाले दिनों में नाव पर कैफिटेरिया का आनंद पर्यटक यहां ले सकेंगे।

मोतीझील का हो रहा सुन्दरीकरण : मोतिहारी स्थित एक अन्य पर्यटन स्थल मोतीझील को भी विकसित किया जा रहा है। 497 एकड़ में फैली झील का सुंदरीकरण हो रहा है। यहां इक्कीस करोड़ की लागत से सड़क के साथ घाट का निर्माण हो रहा है। तीन ड्रैगन बोट की व्यवस्था भी यहां की गई है। पिछले वर्ष नौका दौड़ का आयोजन भी यहां पर हुआ था। करीब 10 लाख रुपए की लागत से यहां पर फाउंटेन लाइट लगवाई गई है।जिसका मनोरम दृश्य शाम के बाद देखते ही बनता है। यह सभी परिवर्तन इन जगहों पर पर्यटक को काफी ज्यादा लुभा रहे हैं।

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