भाई हो तो ऐसा! बहन को Exam दिलाने कंधे पर उठाई डोली, सोशल मीडिया पर वायरल हो गई तस्वीरें..

5
girls mountain paralysis

डेस्क : जब भी घर में डोली उठाने की बात आती है तो लोगों के मन में शादी का ख्याल तो जरूर आता है। शादी के दौरान ही दुल्हन के लिए डोली उठती है और उसके भाई उसे उठाने के लिए वाहा मौजूद होते हैं। हालांकि, उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में एक अलग ही मामला देखने को मिला। एक दिव्यांग बहन के लिए उसके भाई ने खुद उसकी डोली उठाई, लेकिन उसकी शादी के लिए नहीं बल्कि उसे परीक्षा केंद्र तक ले जाने के लिए।

girls

भाई कंधे पर डोली रखकर बहन को परीक्षा के लिए ले जाता है : मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, माने तो पिथौरागढ़ जिले के चमोली गांव में एक भाई ने अपनी बहन को 10वीं की बोर्ड परीक्षा दिलवाने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा दी. बहन के सपनों की उड़ान भरने के लिए भाई ने उसे परीक्षा केंद्र तक ले जाने की पूरी कोशिश की। अब लोग इसकी काफी तारीफ कर रहे हैं. भाई पारस कोहली, बड़ी बहन सानिया और छोटी बहन संजना अपनी पढ़ाई को लेकर काफी ज्यादा गंभीर हैं। पारस और सानिया 12वीं कक्षा में हैं, जबकि संजना 10वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा दे रही हैं।

girl paralysis

परीक्षा केंद्र ले जाने के लिए भाई ने बनाया जुगाड़ : दिव्यांग संजना चल-फिर नहीं पा रही हैं। चमोली गांव से 14 किलोमीटर दूर जीआईसी शैलकुमारी में परीक्षा केंद्र बनाया गया है. तीनों भाई-बहनों ने परीक्षा देने के लिए लोधियागर में एक कमरा लिया है। संजना को यहां से परीक्षा केंद्र तक ले जाने के लिए आधा किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। संजना को दूर ले जाने के लिए पारस, सानिया और उनके रिश्तेदार आकाश डोली की मदद लेते हैं। इस मामले की जानकारी परीक्षा केंद्र जीआईसी शैलकुमारी के प्राचार्य भुवन प्रकाश उप्रेती को हुई तो उन्होंने आश्वासन दिया कि उन्हें केंद्र में किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए, इसका ध्यान रखा जा रहा है.

बहन ने बताया क्या है उसका सपना : संजना ने बताया कि 6 साल पहले उनके पिता की मौत हो गई थी। पिता की मृत्यु के बाद परिवार का भार उसकी मां पर आ गया। परिवार चलाना आसान नहीं था, फिर भी जीवन धीरे-धीरे पटरी पर आ रहा है। संजना भविष्य में टीचर बनना चाहती है।