बिहार में घर बनाना हुआ महंगा- 10 लाख से अधिक के मकान निर्माण पर लगेगा 10 हजार का सेस टैक्स..

डेस्क : बिहार में अब से भवन निर्माण महंगा हो जाएगा। प्रदेश में बन रहे निजी प्रतिष्ठानों से एक फीसदी तक की सेस वसूली जाएगी। खासकर वैसे निर्माण जिसपर 10 लाख से अधिक के खर्च हो रहे हैं, उन्हें एक फीसदी सेस देना होगा। यानी 10 लाख से अधिक के निर्माण पर 10 हजार सेस भी देना होगा। अभी निजी प्रतिष्ठानों से सेस वसूली की रफ्तार थोड़ी धीमी है। इसमें तेजी लाने के लिए श्रम संसाधन विभाग ने धावा दल का गठन भी किया है

विभागीय अधिकारियों के अनुसार राज्य के असंगठित क्षेत्र के कामगारों को आर्थिक लाभ देने के लिए ही सेस की वसूली की जाती है। बिहार में अभी 18 लाख से अधिक कामगार निबंधित हैं। समय-समय पर इन्हें सरकार ने आर्थिक लाभ के अलावा अन्य रियायतें भी देती है। विभागीय नियमानुसार 10 लाख से अधिक के निर्माण करने पर एक प्रतिशत तक का सेस दिया जाना आवश्यक है। राज्य में सरकारी निर्माण के दौरान एक प्रतिशत सेस की वसूली हो रही है। कुल वसूली में 94 फीसदी राशि सिर्फ सरकारी निर्माण से ही विभाग को मिल रही है। वहीं निजी प्रतिष्ठानों में भी 10 लाख से अधिक के निर्माण एकदम धड़ल्ले से हो रहे हैं। लेकिन इस क्षेत्र में वसूली एकदम नगण्य है। मात्र छह फीसदी वसूली ही निजी प्रतिष्ठानों से हो पा रही है।

विगत 31 दिसम्बर 2021 तक 2,447.86 करोड़ रुपए सेस के रूप में वसूला गया है। इसमें से 1379.33 करोड़ रुपये कामगारों पर खर्च किए जा चुके हैं। इस स्थिति को देखते हुए ही श्रम संसाधन विभाग ने यह तय किया है कि सभी जिलों में सेस वसूली में तेजी लायी जाए। और इसके लिए धावा दल का गठन भी किया गया है। यह विशेष दस्ता प्रदेश में हो रहे निजी निर्माण का निरीक्षण कर सेस वसूली को सुनिश्चित करेगा। उप श्रमायुक्तों व श्रम अधीक्षकों को इस बाबत निर्देश भी दिया गया है। निर्माण से संबंधित विभागाध्यक्षों एवं जिला पदाधिकारियों को पत्र भेज सेस वसूली में तेजी लाने को भी कहा गया है।

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