पिता की मौत की जांच की मांग पर भड़के उठे चिराग, पूछ बैठे- ये चिंता उस वक्त क्यों नहीं दिखाई चिंता जब…

पिता की मौत की जांच की मांग पर भड़के उठे चिराग, पूछ बैठे- ये चिंता उस वक्त क्यों

डेस्क : बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान हो चुके है और अब कुछ ही घंटो में दूसरे चरण के लिए भी मतदान होना है। इस बीच बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) के सहयोगी जीतन राम मांझी (Jitan Ram Manjhi) ने पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की मौत पर सवाल उठाते हुए लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) के प्रमुख चिराग पासवान (Chirag Paswan) पर निशाना साधाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी भी लिखी है।

इसके साथ ही, उन्होंने यह आरोप भी प्रधानमंत्री मोदी को लिखे पत्र में जीतन राम मांझी ने रामविलास पासवान की मौत की न्यायिक जांच की मांग की है। साथ ही उन्होंने एक वीडियो क्लिप का भी जिक्र किया है, जिसमें चिराग पासवान हस्ते मुस्कुराते हुए नजर आ रहे हैं। बता दें कि लंबी बीमारी के बाद आठ अक्टूबर को रामविलास पासवान का निधन हो गया था। दिल्ली के एक अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था।

चिट्ठी में कहा गया है कि “किसके निर्देश पर अस्पताल ने मेडिकल बुलेटिन जारी नहीं किए? किसके निर्देश पर सिर्फ तीन लोगों को अस्पताल में रामविलास पासवान से मिलने की अनुमति थी।”

ख़बरों के मुताबिक, मांझी की ओर से लिखे गए पत्र में कहा गया है कि “रामविलास पासवान कुछ दिन पहले हम लोगों को छोड़कर स्वर्ग सिधार गये, उनके निधन से पूरे देश में शोक की लहर है। पूरे देश के दुख से अलग लोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान उनके अंतिम संस्कार के दूसरे दिन ही एक शूटिंग के दौरान ना केवल हस्ते मुस्कुराते दिखाई दिए, बल्कि कट-टू-कट शूटिंग की भी बात करते रहे, जिससे रामविलास पासवान के प्रशंसकों और परिजनों के बीच कई तरह के सवाल उठने लगे हैं।”

चिराग पासवान ने कहा, “मैंने मांझी जी फोन पर अपने पिता की गंभीर स्थिति के बारे में बताया था, लेकिन फिर भी वह मेरे बीमार पिता को देखने नहीं आए। एक बेटे के बारे में इस तरह की बातें, जो लोग उठा रहे हैं, उन्हें शर्म आनी चाहिए।चिराग ने जीतन राम मांझी पर पलटवार करते हुए उनसे सवाल पूछा है। पासवान ने कहा, “जीतन राम मांझी ने उस वक्त इतनी चिंता क्यों नहीं दिखाई, जब रामविलास पासवान अस्पताल में भर्ती थे? अब एक मृत व्यक्ति के ऊपर सभी लोग राजनीति कर रहे हैं, जब वह जीवित थे तो तब किसी ने उनसे मिलने की जहमत क्यों नहीं उठाई।”

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