पप्पू यादव के जेल से रिहाई का रास्ता साफ, 32 साल पुराने मामले से आज ही आगए बाहर

डेस्क : बिहार की राजनीति से इस वक्त बड़ी खबर आ रही है। बता दें कि करोना काल के वक्त पप्पू यादव को गिरफ्तार कर लिया गया था क्योंकि वह जनता की सेवा करने के लिए आगे आए थे। ऐसे में आपको याद दिला दें कि 12 मई को बिहार की राजधानी पटना से पप्पू यादव को सीधा जेल भेज दिया गया था लेकिन अब उनकी रिहाई का रास्ता पानी की तरह साफ हो गया है। इस वक्त उनको रिहाई इस तर्ज पर दी जा रही है कि उनके खिलाफ किसी भी प्रकार का सबूत नहीं मिला है।

जब वह गिरफ्तार हुए थे तो पप्पू यादव को समर्थन करने के लिए अनेकों लोग सड़क पर आ गए थे लेकिन सबको पुलिस ने दरकिनार कर दिया था। तब करोना महामारी चल रही थी जिसके चलते पप्पू यादव को ऑनलाइन पेश होना पड़ा था। पप्पू यादव ने अपनी बीमारी का हवाला दिया था और बेहतर सुविधा मांगी थी लेकिन उनको किसी भी प्रकार से सुविधा नहीं दी गई। ज्यादा जानकारी के लिए बता दें कि बीते 4 महीने से पप्पू यादव जेल में थे। अब उनके बाहर आते ही बिहार की राजनीति फिर से गरमा सकती है। पप्पू यादव को 32 साल पुराने अपहरण के मामले में जेल में भर दिया गया है।

अब जाप पार्टी के नेता एवं मधेपुरा के पूर्व सांसद रहे पप्पू यादव को विशेष अदालत के सत्र ने दोषमुक्त पाया है। बात 1989 की है जब पप्पू यादव उमाकांत यादव और रामकुमार यादव के साथ रहते थे। तब उनके एक गुट के लड़के ने एक लड़की से शादी कर ली थी जिससे पप्पू यादव काफी खफा हो गए थे। इसके बाद उन्हें 2 जनवरी 1989 को राजकुमार यादव के चाचा के भाई ने सुरेंद्र यादव के खिलाफ शिकायत दर्ज करवा दी थी और पप्पू यादव पर आरोप लगा था कि उन्होंने दिनदहाड़े लड़के को जान से मारने की कोशिश की है जिसके लिए उन्होंने लड़के को अगवा करवाया है। अब उनको इस मामले से पूरी तरह छुट्टी मिल गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.