सुभाषिनी राज राव कांग्रेस में हुई शामिल, संभालेंगी पिता शरद यादव कि मधेपुरा की विरासत…

सुभाषिनी राज राव कांग्रेस में हुई शामिल, संभालेंगी पिता शरद यादव कि मधेपुरा की विरासत...

डेस्क :- महागठबंधन से अलग होकर जनता दल यूनाइडेट के एनडीए में शामिल होने के बाद वह जद यू से बाहर आए और लोकतांत्रिक जनता दल बना ली।कभी जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष रहे और अब लोकतांत्रिक जनता दल के कर्ताधर्ता शरद यादव की बेटी सुभाषिनी राज राव आज कांग्रेस में शामिल हो गई। दिल्‍ली स्थित कांग्रेस मुख्‍यालय में वरिष्‍ठ नेताओं की मौजूदगी में सुभाषिनी ने कांग्रेस में ज्‍वाइनिंग की। सुभाषिनी बिहार के मधेपुरा जिले की बिहारीगंज सीट से कांग्रेस की उम्‍मीदवार हो सकती हैं ऐसी अटकलों का बाजार गर्म है।

बिहार कांग्रेस के प्रमुख मदन मोहन झा ने सुभाषिनी का स्वागत करते हुए कहा कि पार्टी में उनके शामिल होने की वजह से महागठबंधन राज्य में और मजबूत होगा। दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए, सुभाषिनी राव ने कहा कि उनके पिता अपनी बीमारी के कारण बिहार में चुनाव प्रचार में हिस्सा नहीं ले पाए हैं।उनके पिता शरद यादव मधेपुरा से सांसद रह चुके हैं। शरद यादव की तबीयत पिछले दिनों खराब थी। वह हाल ही में एम्‍स से डिस्‍चार्ज होकर घर लौटे हैं। शरद जब एम्‍स में भर्ती थे तो बिहार के मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार ने कई बार फोन कर उनका हालचाल लिया। तब सुभाषिनी राज राव ने सार्वजनिक रूप से उनके प्रति आभार प्रकट किया था। इसके बाद अटकलें लगने लगी थीं कि शरद जनता दल यूनाइटेड में लौट सकते हैं। दरअसल, शरद और नीतीश लम्‍बे समय तक साथ काम कर चुके हैं लेकिन कई मुद्दों को लेकर दोनों के बीच मतभेद बढ़ते चले गए और उनकी राहें जुदा हो गईं।

बताते चले कि शरद की इच्‍छा मधेपुरा से अपने परिवार के किसी सदस्‍य को चुनाव लड़ाने की इच्‍छा वर्षों से थी। इस इच्‍छा को लेकर उनकी बेटी सुभाषिनी राज राव कांग्रेस में शामिल हुई हैं। कांग्रेस उन्‍हें मधेपुरा की बिहारीगंज सीट से अपना उम्‍मीदवार बना सकती है। तीन साल पहले अगस्त 2017 में पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में शरद यादव को जेडीयू से निकाल दिया गया था। इसी के बाद उन्होंने लोकतांत्रिक जनता दल (एलजेडी) का गठन किया। 2019 के लोकसभा चुनाव में वे महागठबंधन का हिस्सा थे और इसी के बैनर तले मधेपुरा से चुनाव भी लड़े लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा।

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