विशेषज्ञों का दावा : कोरोना की तीसरी लहर से 12 साल तक के बच्चे होंगे संक्रमित – जानिए कब देगी दस्तक

Third wave affect kids

डेस्क : कोरोना की पहली लहर से 45 वर्ष के ऊपर के लोग प्रभावित हुए थे। वही जब इस वर्ष भारत में दूसरी लहर आई है तो इसने 18 साल से ऊपर के लोगों को अपनी चपेट में ले लिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगस्त और सितंबर के बीच एक ऐसी लहर आएगी जो 12 साल के बच्चों को अपनी चपेट में ले लेगी। ऐसे में सभी लोगों को सतर्क रहना चाहिए और बच्चों की रक्षा करने के लिए सभी इंतजाम कर लेने चाहिए। बाल चिकित्सा और संक्रामक रोगों के विशेषज्ञों का कहना है कि जल्द से जल्द सरकार बच्चों के लिए व्यवस्था करना शुरू कर दे क्योंकि तीसरी लहर में छोटे बच्चे भी प्रभावित हो सकते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि तीसरी लहर बच्चों के लिए खतरनाक हो सकती है। इसलिए सरकार उनके टीकाकरण की व्यवस्था जल्दी से जल्दी कर दे क्योंकि किसी को अंदाजा भी नहीं था कि दूसरी लहर कितनी घातक हो सकती है। ऐसे में 18 साल से ऊपर के लोगों ने टीका लगवाने के लिए काफी उत्सुकता दिखाई है। विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चे संक्रमण के वाहक होते हैं, हालांकि बच्चों में वायरस से बीमार होने की संभावना कम हो जाती है लेकिन वाहक होने के कारण वायरस तेजी से फैलता है। जिसके चलते अन्य बच्चों को एवं बुजुर्गों को आसानी से कोरोना अपनी चपेट में ले सकता है। इस वक्त 30% देश की आबादी ऐसी है जिसकी संख्या 0 से 18 वर्ष है। बच्चों की प्रति रोधक क्षमता के लिए हर्ड इम्यून हो पाना काफी मुश्किल कार्य है।

बता दें विशेषज्ञों का मानना है आने वाले मई के अंत तक कोरोनावायरस के मामलों में गिरावट आएगी। जिसके चलते काफी लोग संक्रमण से मुक्त हो जाएंगे लेकिन यह कहना मुश्किल है कि करोना के मामले 0 हो जाएंगे। यह गणितीय मॉडल विशेषज्ञ एवं विद्या सागर द्वारा सुझाया गया आंकड़ा है। ऐम्स के निदेशक डॉ रणदीप गुलेरिया का कहना है कि सरकार को जल्द से जल्द लॉक डाउन की व्यवस्था करनी चाहिए। अगर ऐसा नहीं किया तो गंभीर खतरे उठाने के लिए जनता को तैयार होना पड़ेगा। अगर बढ़ते हुए संक्रम में कोरोना श्रंखला को नहीं तोड़ा गया तो इसका खामियाजा हम सब को भुगतना होगा। इस वक्त सरकार को अस्पतालों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर ध्यान देना चाहिए बता दें कि इस वक्त अमेरिका में 12 से 15 वर्ष के बच्चों के लिए टीकाकरण तैयार कर दिया गया है, जिसके लिए फाइजर कंपनी आ गया आई है

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