Darbhanga Parcel Blast : NIA की टीम ने कैराना के कई इलाकों में की छापामारी, 4 लोगों को लिया हिरासत में

Darbhanga parcel blast

डेस्क : दरभंगा के रेलवे स्टेशन पर हुए ब्लास्ट में एनआईए की टीम ने 2 लोगों को पकड़ा था। दोनों व्यक्तियों का नाम नासिर और इमरान मलिक है। एनआईए की टीम के मुताबिक दोनों रिश्ते में एक दूसरे के भाई लगते हैं और दोनों ने मिलकर दरभंगा पार्सल ब्लास्ट करने की साजिश रची थी। एनआईए का कहना है कि पाकिस्तान की तरफ से लगातार हो रहे आतंकवादी घटनाओं पर कड़ी नजर बनी हुई है। ऐसे में दरभंगा में हुए पार्सल ब्लास्ट में पाकिस्तान ने नासिर और इमरान मलिक की वित्तीय सहायता की थी।

ब्लास्ट को लेकर एनआईए की टीम कैराना में लगातार छापेमारी कर रही है। कैराना में 12 लोगों से ज्यादा सदस्य की टीम बैठाई गई है जो इस धमाके में ज्यादा से ज्यादा सबूत बटोरने की कोशिश कर रही है। ऐसे में कैराना की तीन जगह पर एनआईए की टीम ने छापेमारी की है। साथ ही स्थानीय पुलिस और पीएसी की भी मदद ली गई है। कैराना में मौजूद चांद मस्जिद में छिपे एक शक्स को एनआईए की टीम ने पकड़ा इसके बाद दो आरोपी काफिल और सलीम को भी छापेमारी करके घर से निकाला गया। बता दें कि इन सभी लोगों से NIA के अधिकारी समय-समय पर पूछताछ कर रहे हैं।

उपर्युक्त बताए गए नासिर और इमरान मलिक को पुलिस ने 2 जुलाई को ही पकड़ लिया था। फिलहाल 4 लोगों की गिरफ्तारी की पुष्टि खुद एनआईए के अधिकारियों ने की है। नासिर खान और इमरान मलिक लंबे वक्त से हैदराबाद में रह रहे थे। दोनों के पिता मूसा खान इंडियन आर्मी से रिटायर हो चुके हैं। भाइयों के पिता यानी कि मूसा खान ने आरोप लगाया है कि उनके बेटों को RAW द्वारा ही पाकिस्तान भेजा गया था। ऐसे में RAW और IB के इशारों पर उनके बेटों को फंसाया जा रहा है। उनके पिता ने कहा की यदि वह दोनों दोषी पाए जाते हैं तो उनको तुरंत गोली मार देनी चाहिए।

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