बिहार में तैयार हो रहा है पहला फ्लोटिंग सोलर पावर ग्रिड- नीचे होगा मछलीपालन और ऊपर बिजली का उत्पादन

डेस्क : भारत सरकार का लक्ष्य है कि वह ज्यादा से ज्यादा सोलर पैनल लगाए और सूरज की गर्मी से बिजली पैदा करे। बता दें कि सूरज की गर्मी से बिजली सोलर तकनीक के जरिए पैदा की जाती है। ऐसे में इस बिजली को सरकार इसलिए इस्तेमाल करना चाहती है क्योंकि इसमें खर्चा बहुत कम होता है। सौर ऊर्जा के तहत ज्यादा से ज्यादा बिजली प्राप्त करने का लक्ष्य रखा गया है, बता दें की आने वाले समय में ज्यादा से ज्यादा सोलर पैनल का इस्तेमाल किया जा रहा है। ऐसे में बिहार के दरभंगा में सोलर प्लांट लगाया जा रहा है।

दरभंगा के कादिराबाद मुहल्ले में सोलर प्लांट लगाया जाएगा। यह सोलर पावर ग्रिड तालाब पर बनने जा रहा है, बता दें कि तलाब में मछली पालन भी किया जाएगा और उसके ऊपर बिजली बनेगी। सरकार अब उन जगह की तलाश कर रही है, जहां पर वह पावर सब स्टेशन का निर्माण कर सके। बता दें कि इस पावर सब स्टेशन की मदद से अनेकों घरों में बिजली पहुंचाई जाएगी। जैसे ही यह पावर स्टेशन बनकर तैयार होगा, उसके बाद कुछ ही महीनों के भीतर बिजली उत्पादन केंद्र की स्थापना की जाएगी। फिलहाल इस तालाब पर सोलर पावर लगाने के बाद कुछ समय तक प्रयोग किया जाएगा। जैसे ही प्रयोग पूरा हो जाएगा तब यह काम ब्रेडा कंपनी को सौंप दिया जाएगा।

सरकार ने कंपनी के साथ समझौता किया है। सारे सोलर पहले पानी के ऊपर तैरते हुए नजर आएंगे। यहां पर 2 मेगावाट तक बिजली पैदा होगी। सरकार ने इस योजना को पीपीपी मोड के भीतर शुरू किया है बता दें कि पीपीपी मोड के जरिए जो भी पैसा होता है। वह सरकार नहीं बल्कि प्राइवेट कंपनी लगाती है और जब प्राइवेट कंपनी सारे कार्य पूरे कर लेती है तो सरकार कंपनी के द्वारा बनाए गए किसी भी तरह के प्रोडक्ट को खरीद लेती है ।

फिर वह जनता को वितरित करती है, बता दें कि सोलर बिजली के उत्पादन के लिए 7 करोड़ की लागत आने वाली है। इसमें पावर सब स्टेशन से लेकर सोलर पैनल एवं पूरे रखरखाव का खर्चा कंपनी द्वारा किया जाएगा। यदि दरभंगा में यह प्रोजेक्ट सक्सेसफुल हो जाता है तो इसको दरभंगा के अन्य तालाबों में भी स्थापित किया जाएगा। यह जानकारी दरभंगा के नगर विधायक संजय सरावगी ने दी है।

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