पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे ने धारण किया भागवत चोला, श्रवण मास की शुरुआत में शुरू किया कथन वाचन – दिया खूबसूरत संदेश

डेस्क : बिहार के पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे का हमें नया रूप देखने को मिल रहा है। बता दें कि पहले वह खाड़ी वस्त्र पहना करते थे लेकिन अब उन्होंने धर्माचार्य का चोला पहन लिया है। श्रावण मास शुरू होते ही उन्होंने भागवत कथा का प्रवचन शुरू किया है उन्होंने कहा है कि भागवत के साक्षात दर्शन करने से श्री कृष्ण के दर्शन हो जाते हैं। ऐसे में श्रावण के समय पर भक्तों के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं और उन्हें जीवन जीने की अलग राह मिलती है। खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण एवं पर्यावरण राज्य मंत्री अश्विनी चौबे ने कहा कि ब्रज के कोने-कोने में भगवान कृष्ण का वास है।

अपने जीवन के शुरुआती दिनों से ही गुप्तेश्वर पांडे ने सरकारी सेवाओं के साथ-साथ अपने आध्यात्मिक जीवन को बेहतरीन रूप से जिया है। उन्होंने समय-समय पर संदेश दिया है कि इंसान को किस प्रकार से अपना जीवन यापन करना चाहिए। ऐसे में आज का दौर कलयुग का दौर है और इसमें राजगद्दी सह व्यवसाय गद्दी के चरित्र में काफी गिरावट देखी गई है, उन्होंने बताया है कि इन गद्दियों पर एक ऐसे व्यक्ति के बैठने की जरूरत है जिसका चरित्र शुद्ध हो। गुप्तेश्वर पांडे का कहना है कि उन्होंने 1 साल तक भागवत कथा का अध्ययन किया है, इसके बाद वह श्रावण मास के शुरुआती समय में भागवत कथा कर रहे हैं।

इस कार्य की शुरुआत करने के बाद से गुप्तेश्वर पांडे को जगह-जगह से बधाइयां मिल रही हैं। बता दें कि अररिया बिहार के सांसद प्रदीप कुमार परशुराम परिषद के कार्यवाहक राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय कुमार झा और प्रदेश के श्रम कल्याण विभाग राज्य मंत्री सुनील बराला ने मिलकर पूर्व जीडीपी गुप्तेश्वर पांडे को भागवत प्रचार प्रसार करने के लिए अनेकों शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि आने वाला समय आप ज्यादा से ज्यादा लोगों को अध्यात्म की ओर ले जाए ताकि उनका जीवन भी फल फूल सके। बता दें कि गुप्तेश्वर पांडे द्वारा पूरे भगवत प्रचार में पूजा अर्चना एवं आरती विधि विधान के साथ की गई।

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