Bihar के B.Ed कालेज के शिक्षकों के लिए सरकार ने जारी किया नया आदेश, जानें – क्या है नया नियम..

डेस्क : बिहार के बीएड कॉलेजों में पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए सरकार ने एक नया आदेश जारी कर दिया है। अब एक शिक्षक केवल एक ही महाविद्यालय में पढ़ा सकेगा। इसके साथ ही शिक्षकों के लिए और भी कई दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। प्रदेश में स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने के साथ ही सरकार ने शिक्षक तैयार करने वाले बीएड कालेजों की गुणवत्ता को भी दुरुस्त करने को लेकर एक सख्त रुख दिखाया है। पहली खेप में ही प्रदेश भर के सभी बीएड कालेजों में फैकल्टी की उपलब्धता को भली भांति परखा जाएगा। जिससे एक शिक्षक अब एक ही कालेज में पढ़ा सकेगा। इस दौरान शिक्षकों का सत्यापन अब आयकर रिटर्न के आधार पर किया जाएगा।

प्रत्येक शिक्षक को 3 साल का रिटर्न देना जरूरी होगा। फैकल्टी की नियुक्ति में बड़े लेवल पर घालमेल की शिकायतों के बाद राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद NCTE ने कार्रवाई का भी सुझाव बिहार को दिया है। इस पर अमल करते हुए शिक्षा विभाग चालू सत्र से ही निजी बीएड कालेजों की जांच-पड़ताल हेतु कार्ययोजना भी बना रहा है। जल्द ही बड़े स्तर पर अभियान भी चलाया जाएगा।

NCTE का निर्देश, एक शिक्षक एक कॉलेज : शिक्षा विभाग का कहना है कि NCTE ने सभी बीएड कालेजों में फैकल्टी की उपलब्धता की जांच करने का भी निर्देश दिया है, जिससे एक शिक्षक अब एक ही कालेज में पढ़ा सकेगा। मौजूदा समय में बीएड कालेजों में एक ही शिक्षक कई जगहों पर पढ़ा रहे है। यानी उनका नाम बाकी कालेजों में बतौर फैकल्टी ही चल रहा है। जो नियमों के तहत सरासर गलत है। बीएड कालेजों की ओर से यह सारा घालमेल फैकल्टी के तय मानकों को पूरा करने के लिए ही किया जाता है। वैसे भी नियम और कानून के तहत एक शिक्षक एक ही कालेज में पढ़ा सकता है। शिक्षकों को अब इस वेरिफिकेशन के दौरान इस बात का भी एक शपथ पत्र भी देना होगा कि वह किसी एक ही कालेज से जुड़े है।

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