Bihar के सीएम नीतीश कुमार अब तक कितने बार इस्तीफा दिए और क्यों? आज जान लीजिए..

डेस्क : कहते हैं कि राजनीति में न कोई उम्र भर का दुश्मन होता हैं और न ही कोई उम्र भर का दोस्त, राजनीति अक्सर अपने हितों को साधने का एक कारण साबित होती हैं। एक ऐसा ही अपना राजनीतिक हित साधा हैं बिहार की महागठबंधन ने जो अब नई सरकार चलाएगी जिसके मुखिया हमेशा की तरह नीतीश कुमार होंगे।

नीतीश कुमार के पिता एक कांग्रेस के नेता थे और उनका पेशा एक वैद्य का था.नीतीश कुमार ने वर्तमान में NIT पटना से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की.लालू यादव से उनका जुड़ाव छात्र जीवन से ही रहा था दोनों ने जेपी के नेतृत्व में आंदोलन में भागीदारी की थी।

जब नीतीश ने दिया खुला चैलेंज: इमरजेंसी के बाद साल 1977 और 80 का विधानसभा चुनाव नीतीश कुमार हार गए थे जबकि उनके कुछ पुराने साथी जनता दल से माननीय बन चुके थे, ऐसे में 2 चुनाव लगातार हार कर उनका राजनीतिक अस्तित्व डोल रहा था। तब उन्होंने सभी के सामने यह खुलकर कहा था कि शाम दाम दंड भेद, By hook or crook बिहार की सत्ता हासिल करूंगा और अपने हिसाब से इसे संचालित भी करूंगा।

पहली बार सिर्फ 7 दिन के किये बने मुख्यमंत्री : साल 2000 में बिहार के मुख्यमंत्री बनने के 7 दिन के भीतर ही त्याग पत्र देने वाले नीतीश कुमार के बारे में किसी राजनीतिक पंडित ने यह विवेचना नही की होगी कि ये बन्दा आगे चलकर बिहार का सबसे ज्यादा दिन तक रहने वाला मुख्यमंत्री साबित होगा। इसके बाद साल 2005 में बिहार के पूर्णकालील मुख्यमंत्री की शपथ ली और 2014 लोकसभा चुनाव में जदयू के खराब प्रदर्शन पर मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे कर जीतन राम मांझी को मुख्यमंत्री बना दिया। इसके बाद के तुरंत हुए विधानसभा चुनाव में उन्होंने जीत हासिल करते हुए मुख्यमंत्री पद ग्रहण किया।

इसके बाद 2015 के विधानसभा चुनाव में नीतीश और लालू पुराने साथी फिर से साथ दिखे,यद्यपि राजद की सीटें ज्यादा थी बावजूद इसके नीतीश कुमार को सर्वसम्मति से मुख्यमंत्री चुना गया हालांकि 2 साल बाद ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गठबंधन तोड़ते हुए इस्तीफा दिया, क्योंकि सरकार का कंट्रोल लालू पक्ष लेना चाह रहा था जो नीतीश कुमार को रास नही आया.बीजेपी से नया गठबंधन करके दोबारा बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। ठीक इसके 5 साल बाद अगस्त 9, 2022 को नीतीश कुमार ने एक बार फिर बाजी पलटते हुए बीजेपी से रिश्ता तोड़ पर महागठबंधन की सरकार बनाने का दावा पेश किया हैं।

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