Railway : ट्रेन में दिव्यांगों के लिए कितनी सीट होती है रिजर्व, जान लीजिए रेलवे का नियम

Railway Rules: ट्रेन (Train) का सफर सुलभ और बाकी के यातायात से काफी सस्ता होता है। यही वजह है कि हमारे देश में लाखों की संख्या में लोग रोजाना ट्रेन (Train) से सफर करते हैं। आजकल ऐसी ट्रेन (Train) भी आती है जिसमें तमाम तरह की सुविधा होती है। ट्रेन (Train) में सफर करने के कुछ नियम कानून भी बनाए गए हैं। जिसका पालन करना जरूरी है। ट्रेन (Train) में दिव्यांगों (Handicapped) के सीट और उनके किराए में छूट को लेकर भी नियम बनाए गए हैं। तो चलिए जानते हैं उन नियमों के बारे में।

दिव्यांगों को मिलती है कई तरह की छूट

ट्रेन में सफर के दौरान दिव्यांगों (Handicapped) को कई तरह की सुविधा दी जाती है। उन्हें किराए में छूट मिलती है साथ ही साथ उनके लिए ट्रेन में कुछ सीट्स रिजर्व भी रखी जाती है। आपको बता दें कि स्लीपर क्लास में दो लोअर और 2 मिडिल बर्थ दिव्यांगों (Handicapped) के लिए रिजर्व रहती है। थर्ड एसी (AC-3) में भी उनके लिए सीट्स रिजर्व होती है।

थर्ड एसी (AC-3) में एक लोअर और एक मिडल बर्थ उनके लिए आरक्षित होती है। वहीं 3E डब्बे में उनके लिए एक लोअर और एक मिडिल बर्थ रिजर्व रहती है। हर एक्सप्रेस ट्रेन में दिव्यांगों के लिए कम से कम दो सीट रिजर्व होती ही है। इस सीट के लिए वह टीटीई से मांग कर सकते हैं।

किराए में भी मिलती है छूट

रेलवे (Railway) की तरफ से दिव्यांगों (Handicapped) को किराए में भी छूट दी जाती है। उन्हें ट्रेन के किराए में 25 से 75% तक की छूट मिलती है। इसके लिए उन्हें अपना विकलांग प्रमाण पत्र दिखाना पड़ता है।

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