Bike चलाते समय इन बातों का रखें ध्यान ! वरना कटेगा ₹5000 का भारी चालान, जानिए – नया नियम..

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traffic challan

डेस्क : अगर आप भी टू-व्हीलर वाहन के चालक हैं तो यह खबर आपके लिए है। अगर आप भी कहीं यात्रा पर निकल रहे हैं, तो अपने साथ ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स अवश्य रख ले। अन्यथा आपको भारी चालान से गुजरना पड़ सकता है। जी हां.. आप बिल्कुल सही सुन रहे है।

टू व्हीलर रेजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट : RC इस बात का सबूत होती है कि वाहन का RTO में पंजीकरण हुआ है। इसमें वाहन की श्रेणी, जिन सीमाओं में वाहन का प्रयोग किया जा सकता है, चेचिस और इंजन नम्बर, साथ ही प्रयोग किए जाने वाले ईंधन की जानकारी और उसकी क्षमता की जानकारी होती है। आरसी की कुछ समय बाद समय सीमा समाप्त हो जाती है, जिसके बाद इसको रेन्यू करवाना आवश्यक होता है।

ड्राइविंग लाइसेन्स : DL से यह प्रमाणित होता है कि व्यक्ति को किस तरह के वाहनों – दो पहिया, तीन पहिया, चार पहिया, को चलाने की अनुमति है। ड्राइविंग टेस्ट पास करने के पश्चात ही ड्राइवर को DL दिया जाता है। यह वाहन चलाने का एक प्रमाण पत्र भी होता है। यदि किसी को उचित DL के बिना गाड़ी चलाते हुए पकड़ा जाता है तो उसे इस जुर्म के लिए जुर्माना देना पड़ सकता है। DL के बिना यात्रा करना गलत माना जाता है।

वाहन बीमा : क़ानून के मुताबिक़, किसी भी गाड़ी का वाहन बीमा वाहन चलाने वाले के लिए सबसे ज़रूरी काग़ज़ों में से एक होता है। यह दस्तावेज बीमाकर्ता का नाम, गाड़ी का रेजिस्ट्रेशन नम्बर, कवरेज प्रकार और बीमा की समयावधि जैसी जानकरियां रखता है। वाहन बीमा करवाना काफी आवश्यक है। यदि कोई आपको वहां बेचे और वाहन बीमा करने से मना करे तो आप उसके खिलाफ लीगल कार्यवाही भी कर सकते हैं।

प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र : उत्सर्जन वातावरण में प्रदूषण का एक प्रमुख कारण है, जिसकी जांच होना बेहद आवश्यक होता है। इस प्रमाण पत्र में बाइक के उत्सर्जन स्तर की जानकरियां होती है। इसके स्तर का सरकार द्वारा तय किए गए मानक के हिसाब से मिलान होना ज़रूरी होता है।यहाँ दी गई जानकारी पाठकों की डिमांड पर तैयार की गई है इसका किसी व्यक्ति विशेष से संबंध नहीं है।