कुर्सी के लालच में नीतीश, न कोई नियम न नीति,और तो और नियत भी नहीं रही, अब तो ये नेता भी नहीं रहे: लालू का ट्वीट

कुर्सी के लालच में नीतीश, न कोई नियम न नीति,और तो और नियत भी नहीं रही, अब तो ये नेता भी नहीं रहे

डेस्क : सीएम नीतीश कुमार अपने हर सभा में लालू-राबड़ी राज पर हमला कर रहे हैं। बराबर वो लालू-राबड़ी से 15 वर्षों का हिसाब मांग रहे है – साथ ही कई जगह ये भी सवाल पूछ चुके है कि पहले कुछ काम होता था क्या? पहले आपदा में क्या होता था? आज जो लोग मुझ पर सवाल कर रहे है वो ये बताये पहले कि उनके राज में कुछ होता था क्या? लिस्ट बनते ही रह जाता था, लेकिन पीड़ित परिवार को कुछ नहीं मिलता था। उन्होंने कहा कि हमारी जब सरकार आई तो हमने कह दिया कि सरकारी खजाने पर पहला हक आपदा पीड़ितों का है। बिहार में कोरोना संकट हो या फिर बाढ़ की स्थित हो,हर समय हमारी सरकार ने आपदा पीड़ितों की सेवा की है।

बस क्या इस पर आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर पलटवार करते हुए बड़ा हमला बोला है। लालू ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि कुर्सी के लालच में नीतीश कुमार ने बिहार को गर्त में पहुंचा दिया है। 2010 के चुनाव में बहुमत प्राप्त करने के बाद सहयोगी दल के साथ विश्वासघात किया और 2015 में हमारे दम पर जीतने के बाद पीठ में छुरा घोंपा। नीतीश की कोई नीति, नियम और नियत नहीं। अब तो ये नेता भी नहीं रहे।

वहीं दूसरी ओर बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर राघोपुर से नामांकन दाखिल करते समय तथ्यों को छिपाने का आरोप लगाया और सवाल किया कि तेजस्वी एक कंपनी को चार करोड़ लोन देने के लिए पैसा कहां से लाए। कहा कि रघुनाथ झा और कांति सिंह से गिफ्ट में मिली संपत्ति को वे खरीद बता रहे हैं। सीबीआई, ईडी व आयकर को इस मामले में स्वत: संज्ञान लेना चाहिए। वैसे इस मामले को हम चुनाव आयोग में भी ले जाएंगे। इस पर राजद सांसद मनोज झा ने पलटवार करते हुए कहा कि नेता विपक्ष तेजस्वी यादव ने अपने हलफनामे में जो भी जानकारी दी, उसकी पूरी जानकारी इनकमटैक्स विभाग के पास उपलब्ध है, जिन्हे इस बारे में विशेष जानकारी चाहिए वो इनकम टैक्स विभाग से बात करे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *