बिहार के दुग्‍ध उत्पादकों के बल्ले बल्ले! खुद तैयार करेंगे पनीर और छेना, आमदनी होगी दोगुनी – जाने कैसे

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डेस्क : दुग्ध उत्पादक किसानों के लिए एक अच्छी खबर निकल कर सामने आई है, अब किसानों को सस्ते दाम में किसी दूसरे विक्रेता के यहां दूध नहीं बेचना पड़ेगा। क्योंकि किसान खुद पनीर व छेना तैयार करेंगे। घी, क्रीम, दही भी तैयार कर बाजार में बेचेंगे।

बता दे की 40 सदस्यीय दुग्ध उत्पादक किसान संजय गांधी डेयरी टेक्नोलाजी इंस्टीच्यूट पटना में प्रशिक्षण ले रहे हैं। दुग्ध उत्पादक किसानों को आत्मा की ओर से प्रशिक्षण के लिए भेजा गया है। इन किसानों को अच्छे नस्ल की मवेशियों के संबंध में जानकारी भी दी जा रही है। मवेशी के भोजन, गर्भधारण आदि के संबंध में भी जानकारी दी जा रही है।

बता दे की मिठाई की दुकानों पर दूध की सबसे अधिक खपत होती है। क्योंकि इसी दूध से घी, छेना, पनीर, दही और मिठाई तैयार किए जाते हैं। ग्रामीण क्षेत्र के पशुपालक 30 से 35 रुपये किलो दूध बेचने को मजबूर हैं। कई किसान तो ऐसे भी हैं जिनके घर तक दहियार दूध खरीदने के लिए नहीं पहुंचते हैं, नतीजन यह होता है कि उसका सारा दूध बर्बाद हो जाता है, सहकारी समिति भी किसानों से सस्ते दर पर दूध खरीद कर 50 रुपये लीटर दूध बेच रहे हैं। जानकारी के अभाव में किसान पनीर, छेना आदि तैयार नहीं कर पाते हैं। प्रशिक्षण के बाद किसान खुद घी, दही, छेना, पनीर तैयार कर सकेंगे।

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सबसे अच्छी बात यह है कि राज्य सरकार दूध उत्पादन को बढ़ावा दे रही है। राज्य गव्य निदेशालय ने बेरोजगार युवकों को गाय पालन से जोडऩे का प्रयास कर रही है। आनलाइन आवेदन कर युवा गाय पालन से जुड़ सकते हैं। दो दुधारू मवेशी व चार मवेशी की खरीद पर अनुदान मिलता है। दो दुधारू मवेशी की खरीद पर एक लाख 60 हजार और चार मवेशी की खरीद पर तीन लाख 60 हजार रुपये खर्च आता है। विभाग की ओर से 80 हजार व एक लाख 69 हजार रुपये का अनुदान मिलता है।

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