इंजीनियर्स डे :इंजीनियर नीतीश को बिना टायर, पेट्रोल, बैट्री की गाड़ी जैसा बिहार मिला !

इंजीनियर नीतीश को बिना टायर, पेट्रोल, बैट्री की गाड़ी जैसा बिहार मिला !

डेस्क : जदयू के मंत्रियों ने इंजीनियर्स डे पर इंजीनियर (मुख्यमंत्री) नीतीश कुमार के निर्माण के काम गिनाए; इसके सामने राजद राज को खड़ा कर तब और अब के फर्क को विस्तार से बताया। जल संसाधन मंत्री संजय कुमार झा तथा भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि इंजीनियर नीतीश कुमार को बिना टायर, पेट्रोल, बैट्री, हेडलाइट, हॉर्न की गाड़ी जैसा बिहार मिला था।

उन्होंने बिहार का नवनिर्माण किया, इसे दौड़ाया, बड़ा उछाल दिया। हमें उनके नेतृत्व पर गर्व है, जिन्होंने माइनस से शुरु करके बिहार को विकसित राज्य के रास्ते पर बढ़ाया। दोनों मंत्री मंगलवार को मीडिया से मुखातिब थे। उन्होंने कहा कि तब (राजद राज) वेतन के पैसे नहीं थे, विकास क्या होता? खजाने में भी हाथ लगा दिया जाता था।

चरवाहा स्कूल की सोच थी। मगर अब 21 वीं सदी के सपने को पूरा करने की पुरजोर तैयारी है। हर क्षेत्र को इस लायक बनाया गया है, बनाया जा रहा है। उनके अनुसार हम अपने 15 साल के काम और आगे के 5 साल के प्लान को लेकर चुनाव में जनता के बीच जाएंगे। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि बिहार को विशेष दर्जा का हमारा प्रयास जारी रहेगा। हालांकि अब केंद्र से मदद मिल रही है।

बीते 15 साल में 33164 करोड़ खर्च हुए। फिर पटना म्यूजियम, बिहार म्यूजियम, साइंस सिटी, सम्राट अशोक इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर, ज्ञान भवन, बापू सभागार, सरदार पटेल भवन, आईआईटी, आईआईएम, निफ्ट, नए मेडिकल कॉलेज, मंत्रियों ने कहा-’कितना गिनाएं?’

संजय झा व अशोक चौधरी के अनुसार, 1959 से 2005 तक गंगा नदी पर मात्र 4 पुल बने। इसके बाद से अब तक 11 पुल बने। कोसी नदी पर 1962 से 2005 तक सिर्फ 3 पुल बने। इसके बाद अब तक 3 पुल बने। गंडक नदी पर 1817 से 2005 तक मात्र 3 पुल बने। 2005 से अब तक 4 पुल बने। 2005-06 में बजट सिर्फ 23 हजार करोड़ था। अभी यह 2 लाख 11 हजार 761 करोड़ का है।

जल संसाधन विभाग में 1979 से नियुक्ति नहीं हुई थी। अब होनी शुरू हुई है। देश में पहली बार तटबंधों के उस हिस्से में आयरन शीट का प्रयोग हुआ है, जिसके बिल्कुल आमने-सामने गांव हैं। बाढ़ की सूचना 72 घंटा पहले मिलने लगी है। तब 7583 किमी राष्ट्रीय राजमार्ग था। अब 13173 किमी है।

ग्रामीण सड़क 835 किमी थी, अब 96500 किमी है। 2005 के बाद ग्राम टोला संपर्क निश्चय योजना के तहत 3826 किमी सड़क बनी। 6047 पुल बने। 34 आरओबी बने, 15 बन रहे हैं।

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