बनना चाहते थे अफसर, 3 बार हुए फेल, नहीं मानी हार..अब Team India मिली एंट्री..

डेस्क : बिहार के गोपालगंज के एक छोटे से गांव काकड़कुंड का निवासी मुकेश कुमार अब देश के लिए क्रिकेट खेलने वाले हैं। उनका सलेक्शन टीम इंडिया में हुआ है। बिहार के खेल प्रेमियों के लिए ये बेहद खुशी और गर्व्बकी बात है। जब भारतीय टीम में बिहार के दो खिलाड़ियों का चयन हुआ है। ईशान किशन के साथ गोपालगंज के तेज गेंदबाज मुकेश कुमार भी इस बार भारतीय टीम के लिए खेलेंगे। बता दें साउथ अफ्रीका के खिलाफ सीरीज के लिए मुकेश कुमार को चुना गया है।

वो बंगाल से रणजी क्रिकेट खेलते हैं। और अब घरेलू ग्राउंड में 6 अक्टूबर से साउथ अफ्रीका के खिलाफ होने वाले सीरीज के लिए टीम इंडिया में ईशान किशन और मुकेश कुमार का चयन किया गया है। हालांकि ये पहली बार होगा जब टीम इंडिया में बिहार से 2 खिलाड़ी होंगे।

बंगाल में तराशी गई बिहार की प्रतिभा : वैसे तो मुकेश कुमार के क्रिकेट करियर की शुरुवात गोपालगंज से हुई थी। यहीं उन्होंने अपनी प्रतिभा से सभी को प्रभावित किया था। जिसके बाद उनका चयन गोपालगंज के जिला टीम में हुआ था। मगर बिहार में क्रिकेट के लिए सही माहौल नहीं मिलने पर वो बंगाल चल गया। वहां भी उन्होंने अपने प्रदर्शन से सबको प्रभावित किया।

जिसके बाद उनका चयन बंगाल की राज्य क्रिकेट टीम में हो गया। उसके बाद मुकेश ने पीछे मुड़कर दोबारा नहीं देखा। यहां मुकेश रणजी ट्रॉफी के लगातार दो सीजन में 30 से ज्यादा विकेट लेकर चयनकर्ताओं की नजर में आए और फिर उनका सेलेक्शन इंडिया-ए टीम में हुआ। मुकेश ने यहां भी शानदार प्रदर्शन किया और फिर उन्हें टीम इंडिया में जगह मिली है।

बहुत शानदार रहा सफर : मुकेश कुमार 27 वर्षीय राइट ऑर्म मीडियम बॉलर हैं और वो बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं। वैसे तो उनका अब तक का करियर काफी शानदार रहा है। 30 फर्स्ट क्लास मैचों में मुकेश ने 109 विकेट लिए हैं। इसके अलावा मुकेश कुमार ने फर्स्ट क्लास मैच में 5 बार पारी में 5 विकेट लेने का बड़ा कारनामा किया था। साथ ही उन्होंने 4 पारी में 4 खिलाड़ियों को आउट किया है।

चाहते थे CRPF में जाना : कोलकाता में मुकेश कुमार के पिता स्व.काशीनाथ ऑटो चला के घर का भरण पोषण करते थे। इसीलिए वो चाहते थे कि उनका बेटा सरकारी नौकरी करे ताकि उसे उसके पिता की भांति कष्ट का सामना न करना पड़े। यही कारण था कि अपनी पिता की इच्छा पूरी करने के लिए खुद मुकेश भी सीआरपीएफ में जाना चाहते थे। पर वो 3 बार फेल हो गए। और अब वो देश के लिए खेलने वाले हैं। पर बात ये है कि इस पल को देखने के लिए उनके पिता दुनिया में नहीं हैं।

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