बिहार : न..बिजली न..मीटर, बिल थमा दिया 44 हजार रुपये का

आजकल बिजली विभाग के अजब-गजब कारनामे सामने आ रहे हैं। न तो बिजली जल रही है और ना ही मीटर लगे हुए हैं, लेकिन उपभोक्ताओं को लगातार बिल लगातार भेजे जा रहे हैं। उपभोक्ता द्वारा 2 साल से शिकायत के बावजूद अधिकारी इसे ठीक करना जरूरी नहीं समझ रहे।

मंगलवार को बिजली बिल में सुधार एवं स्मार्ट मीटर की जानकारी के लिए चैंबर आफ कामर्स सभागार में 2 दिवसीय शिविर का आयोजन हुआ। इसमें कई सारे उपभोक्ता अपनी समस्याओं को लेकर भी पहुंचे। इनमें एक शिकायत सिकंदरपुर सीढ़ी घाट मोहल्ला निवासी मुकेश साह ने की थी। उन्होंने बताया कि 2 साल पहले नमामी गंगे परियोजना के कारण वर्ष 2020 में सीढ़ी घाट से उनके घर को उजाड़ दिया गया।

तुरंत जांच कराने का आदेश दिये : बिजली की लाइन भी कट गयी। मीटर भी हट गया, लेकिन बिल आते ही रहे। इसकी शिकायत कई बार विभाग में की गई लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया। अक्टूबर माह में 44 हजार रुपये का बिल भी भेजा गया है। शिविर में मौजूद विद्युत अधीक्षण अभियंता पंकज राजेश, कार्यपालक अभियंता अरबन-1 विजय कुमार, 2 के पंकज कुमार, सरैयागंज के सहायक विद्युत अभियंता अमित विजय सहित अन्य अधिकारियों ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। कार्यपालक अभियंता ने सहायक विद्युत अभियंता को जूनियर इंजीनियर से तुरंत जांच कराने का आदेश दिया है।

स्मार्ट प्रीपेड मीटर के साथ वर्तमान मीटर लगा दिखाया डेमो : शिविर में सिक्योर कंपनी के अधिकारियों व इंजीनियरों ने उपभोक्ताओं को वर्तमान और अत्याधुनिक स्मार्ट प्रीपेड मीटर का डेमो भी दिखाया। शिविर में स्मार्ट मीटर की जानकारी और बिजली बिल सुधार के लिए करीब 50 उपभोक्ता भी पहुंचे। एक व्यवसायी ने जल्द से जल्द स्मार्ट मीटर लगाने की मांग की ताकि बिजली बिल में सुधार की जा सके। सिक्योर कंपनी के प्रमुख DN राव, इंस्टालेशन हेड रजत गुप्ता, चैंबर आफ कामर्स के महामंत्री सज्जन शर्मा, सभापति अरूण धानुका, संयुक्त मंत्री राजीव कुमार केजड़ीवाल, प्रमोद जजोदिया सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे। अधीक्षण अभियंता ने कहा कि सबसे पहले सरैयागंज से ही स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया शुरू होनी हैं।

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