बिहार में चक्का जाम का नहीं दिखा खास असर, जीतन राम मांझी को आ गया गुस्सा…

डेस्क : किसान संगठनों द्वारा देश भर में किए गए चक्का जाम का बिहार में कोई खास असर देखने नहीं मिला। कृषि कानूनों के विरोध में किसान संगठनों ने आज दोपहर 12 से 3 बजे तक 3 घण्टे के देशव्यापी चक्का जाम का ऐलान किया था।बिहार के सभी मुख्य विपक्षी दलों ने इस बंद को समर्थन देने का ऐलान किया था।

क्यों नहीं दिखा असर- बिहार में सभी विपक्षी दलों ने पहले 3 की जगह 1 घण्टे के चक्का जाम का ऐलान किया था। लेकिन, राज्य में हो रही इंटर की परीक्षाओं को देखते हुए विपक्ष ने बाद में चक्का जाम को सिर्फ नैतिक समर्थन देने का फैसला किया। गौरतलब है कि राज्य में इंटर के परीक्षा में करीब 14 लाख छात्र हिस्सा ले रहे हैं। राज्य में सभी विपक्षी दल युवाओं के मुद्दे को उठाते रहते हैं, इसी वजह से इंटर की परीक्षा दे रहे छात्रों के दिक्कत को देखते हुए राज्य में चक्का जाम नहीं किया गया।

जीतन राम मांझी ने साधा निशाना- हालांकि कुछ प्रमुख सड़को को कुछ देर के लिए विपक्ष ने बंद रखा था। पटना सिटी टोल प्लाजा , नौबतपुर में NH139 तथाअन्य कुछ सड़को को कुछ देर के लिए बंद रखा गया था। इसपे निशाना साधते हुए पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने ट्वीट किया है कि “किसान आंदोलन के आड़ में विपक्षी दलों के चक्का जाम से बिहार की जनता कराह रही है। जाम के नाम पर सड़कों पर हो रही गुंडागर्दी से आवाम परेशान है। इस राजनैतिक कार्यक्रम में विपक्षी नेताओं को भले ही चेहरा चमकाने का मौक़ा मिल जाए पर तथाकथित “किसान आंदोलन” से जनता में ग़ुस्सा बढ़ रहा है।”

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