यूँ ही नहीं कहा जाता बिहार को आईएस की फैक्ट्री, शुभम और अनिल बसाक के साथ इन अभियार्थियों ने लहराया परचम

IAS adhikari of Bihar

डेस्क : यूपीएससी परीक्षा 2020 का परिणाम घोषित हो गया है। ऐसे में अनेकों लोगों के चेहरे पर खुशी देखने को मिल रही है, बता दें कि सिविल सेवा की इस परीक्षा के लिए अभियर्थियों को दिन रात प्रयास करना होता है। कुछ के सपने अधूरे रह जाते हैं तो वहीँ कुछ अच्छे नंबर से पास हो जाते हैं। बता दें कि इस परीक्षा के लिए 5,00,000 से अधिक विद्यार्थी बैठते हैं। ऐसे में मात्र हजार से भी कम आईएएस अधिकारी बनकर निकलते हैं, लेकिन बिहार ने इस बार फिर से बाजी मारी है। बता दें कि इस वक्त सबसे ज्यादा आईएएस आईपीएस अधिकारी बिहार से निकल कर आ रहे हैं।

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कटिहार के रहने वाले शुभम कुमार ने 2020 की यूपीएससी परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल किया है। ऐसे में उन्होंने 2019 में भी परीक्षा दी थी, जिसमें उनकी रैंक कम आई थी। शुभम कुमार ने निश्चय कर लिया था कि वह दिन रात प्रयास करके यूपीएससी की परीक्षा मैं आईएएस अधिकारी बनकर दिखाएंगे। ऐसे में उन्होंने 2020 में बाजी मारी बता दें कि इस वक्त शुभम कुमार को शुभकामनाएं मिल रही हैं। शुभकामनाओं का दौर खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। फिलहाल उन्होंने बिहार का गौरव बढ़ाया है। ऐसे में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री तार किशोर यादव ने उनको बधाई दी है।

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शिवम कुमार के साथ ही प्रवीण कुमार को 7 वां रैंक और सत्यम गांधी को 10 रैंक मिला है। बात करें कि यह लोग कहां से आते हैं तो आपको बता दें की शुभम कुमार कटिहार जिले से हैं। वहीं प्रवीण कुमार जमुई से है। इसके बाद सत्यम गांधी समस्तीपुर से आते हैं। यूपीएससी के टॉप 25 में 12 महिलाओं का नाम दर्ज हुआ है। इतना ही नहीं यूपीएससी के रिजल्ट में किशनगंज के अनिल कुमार ने 45 वी रैंक हासिल किया है। वही पूर्णिया के रहने वाले अनिल मिश्रा को 512 रैंक मिला है। बेगूसराय से अनिल कुमार को 226 रैंक हासिल हुई है। ओम प्रकाश गुप्ता जो कि पटना के रहने वाले हैं, उनको 339 रैंक मिली है। इतना ही नहीं ओम प्रकाश बीपीएससी की परीक्षा में अपने आपको साबित कर चुके हैं।

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ज्यादा जानकारी के लिए बता दें की जो भी लोग सिविल सेवा की परीक्षा देते हैं। उनको 3 चरणों में चयनित किया जाता है। सबसे पहले उनका प्रीलिम्स होता है। इसके बाद मुख्य परीक्षा ली जाती है और फिर इंटरव्यू के माध्यम से सभी अभ्यर्थियों को आईएएस, आईपीएस, आईएफएस बनाया जाता है। ऐसे में वह अपनी सेवाओं को देने के लिए देश के विभिन्न राज्यों में भेजे जाते हैं।

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