जातीय जनगणना पर पक्ष विपक्ष आए साथ – अब पीएम मोदी दिखाएंगे रास्ता

डेस्क : इस वक्त बिहार की राजनीति फिर से गर्मा गई है बता दे कि बिहार में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव जातीय जनगणना की मांग कर रहे हैं। ऐसे में जातीय जनगणना को सही रूप से पूरा करने हेतु बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी आगे आए हैं बता दें कि दोनों मिलकर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में सीएम नीतीश कुमार इस वक्त दिल्ली में है और दिल्ली से वह 2 अगस्त को लौटेंगे।

जातीय जनगणना करवाने के लिए बिहार विधानसभा से सभी प्रकार के प्रस्ताव पारित किए जा चुके हैं। ऐसे में समय-समय पर जातीय जनगणना के प्रस्ताव भेजे गए थे लेकिन उन पर किसी भी प्रकार से कार्य नहीं किया गया। ऐसे में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी इस पक्ष में नजर आ रहे हैं वहीं दूसरी ओर सवाल उठ रहा है कि जब बिहार में डबल इंजीन की सरकार काम कर रही है तो जनगणना करने कौन आगे आएगा।

राजद नेता और अन्य पार्टी के सुझावों पर यह सहमति बनी है कि अब वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात करने के लिए समय लेंगे। ऐसे में विधानसभा से डेलिगेशन पारित किया जाएगा, इस टेलीविजन के जरिए पीएम मोदी से बातचीत की जाएगी। अनुमान लगाया जा रहा है क्या बातचीत के बाद बात शुरू होगी ? हाल ही में राजद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के पिताजी लालू यादव संसद में वैक्सीन लगवाने के लिए पहुंचे थे। ऐसे में जब मीडिया कर्मियों ने उनसे बातचीत की तो उन्होंने कहा कि जातीय समीकरण होना बहुत जरूरी है। नेताओं का कहना है कि राज्य के हर नागरिक को यह जानने का अधिकार है कि उनके राज्य में कितने जाति के लोग रह रहे हैं। जब से तेजस्वी यादव और नीतीश कुमार साथ आए हैं, तब से ऐसा लग रहा है कि जातीय जनगणना होकर रहेगी।

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