बिहार में 90 हज़ार से ज्यादा प्राथमिक शिक्षकों का नियोजन फिर से स्थगित, अब हाइ कोर्ट के फैसले का है इंतजार

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डेस्क : बिहार में प्रारंभिक शिक्षको की मुसीबत खत्म होती नहीं दिख रही है ऐसे में अब खबर आ रही थी कि हजारों शिक्षकों की नियुक्ति होने वाली है। लेकिन, फिर से इन नियुक्तियों को स्थगित कर दिया गया है। इस खबर से शिक्षक अभ्यर्थियों को बड़ा झटका लगा है। एक विशेष मामले में पटना हाई कोर्ट में फैसला आना बाकी है। जब तक यह फैसला नहीं आ जाता, तब तक 90000 से ज्यादा प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्ति को रोकने का आदेश दिया गया है। इस नियुक्ति को रोकने की पुष्टि शिक्षा विभाग के द्वारा भी की गई है।

यह नियुक्ति 2019 से चल रही थी। लेकिन समय रहते इसमें काफी ऊंची नीच हुई है ऐसे में अब लग रहा था कि इस नियुक्ति पर स्टे खत्म हो जाएगा लेकिन विशेष पैरवी के तहत मामला फिर से कोर्ट में जा चुका है। यह मामला ऑल इंडिया ब्लाइंड फेडरेशन द्वारा कोर्ट में दर्ज करवाया गया था। यह बात सोचने वाली है कि ब्लाइंड आरक्षण संबंधी कुछ मुद्दों पर विशेष आपत्ति के तहत हाईकोर्ट में 34 हजार से ज्यादा शिक्षकों की भर्ती रोक दी गई थी। फिलहाल शिक्षा विभाग इन सभी अभ्यार्थियों को सहानुभूति के अलावा कुछ देता नजर नहीं आ रहा है।

बिहार की शिक्षा प्रणाली में धीरे-धीरे बदलाव आ रहा है और अब बीते दशक के मुकाबले कई बच्चे हैं जो पढ़ने में रुचि दिखा रहे हैं और हर साल दाखिला ले रहे हैं दाखिला लेने की प्रक्रिया दिन पर दिन बढ़ती जा रही है करोना की मार झेल रहे कई स्कूल अब वापस से खुल चुके हैं , और अपनी व्यवस्था को सुगठित तरीके से चला रहे हैं। हाल ही में हुई परीक्षाओं में हमें देखने को मिला कि किस तरह से बच्चों ने बिना किसी विकल्प के पढ़ाई की और परीक्षा देने आए।

लेकिन पहले ऐसा नहीं होता था पहले के बच्चे बीच में ही पढ़ाई छोड़ दूसरे शहर को चले जाते थे और वहीं रहकर रोजगार की तलाश करते थे लेकिन अब राज्य में उच्च स्तर के शिक्षण संस्थान बन रहे हैं। रोजगार का सृजन भी होता दिख रहा है, किसी भी राज्य का भविष्य बच्चे होते हैं और बच्चों की शिक्षा प्रणाली अगर डगमगा रही है तो उसका विशेषकर सरकार को ध्यान रखना चाहिए।

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