सस्ता पेट्रोल भरवाने नेपाल जा रहे हैं, UP और बिहार के लोग – जाने कितना सस्ता है तेल का भाव

Petrol diesel rate in nepal

Petrol diesel rate in nepal

डेस्क : भारत में पेट्रोल की कीमतें बढ़ती जा रही हैं, इस बात की खबर सरकार को भी है लेकिन सरकार ने अभी तक पेट्रोल की बढ़ती कीमतों पर संज्ञान नहीं लिया है। बता दें कि सभी उच्च स्तर के अधिकारी एवं सरकारी अफसर बढ़ती हुई कीमतों पर ज्यादा बातचीत करते नहीं दिख रहे हैं। ऐसे में बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार ने बयान दिया था जिसमें उन्होंने कहा कि वह इलेक्ट्रिक वाहन का इस्तेमाल करते हैं और बाकी लोगों को भी करना चाहिए। जानकारी के लिए बता दें कि इलेक्ट्रिक वाहन फिलहाल भारत में इतना सस्ता नहीं है जिस हिसाब से पेट्रोल और डीजल की गाड़ियां सस्ती हैं।

पेट्रोल और डीजल की गाड़ियां चलाने वाले लोगों को पेट्रोल के बढ़ते दामों की मार झेलनी पड़ रही है, जिसके चलते उन्होंने एक नया तरीका निकाला है। तेल खरीदने के लिए लोग नेपाल जा रहे हैं बता दें कि नेपाल में तेल का दाम ₹22 प्रति लीटर सस्ता है। हालांकि नेपाल को तेल भारत ही भेजता है और दोनों देशों के बीच इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन की संधि के तहत या कार्य होता है। हालांकि, नेपाल को सिर्फ रिफाइनरी का पैसा देना होता है और IOC नेपाल को इंधन सप्लाई खरीद मूल्य पर ही करता है। नेपाल और बिहार की सीमा सटी हुई है और कई पगडंडी बनी है जहां से लोग आ जा सकते हैं और दूसरे राज्य होते हुए नेपाल में घुस सकते हैं। तेल के तस्करों पर भी सुरक्षा जवानों ने नजर रखी हुई है करीब 25 से ज्यादा ऐसी जगह है जहां पर सेंधमारी की जाए तो कई तस्कर बाहर निकल सकते हैं। लोग कम कीमत के कारण नेपाल का रुख कर रहे हैं। यह जगह इस प्रकार है फारबिसगंज, नरपतगंज और अररिया।

नेपाल से तेल लाकर बड़ी कीमत पर दुकानदार गांव के इलाकों में बेचते नजर आ रहे हैं। जब से पेट्रोल की कीमत बढ़ी है तब से भारत से कोई गाड़ी नेपाल नहीं गई है ऐसा एसएसबी के जवानों का कहना है, लेकिन सीमा पर तो कुछ और ही हाल बयान हो रहा है। बता दें कि सिर्फ बिहार ही नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश के भी कई जिले जैसे लखीमपुर खीरी, पीलीभीत और गोरखपुर से जानकारी सामने आ रही है कि लोग यहां से बड़े-बड़े कनस्तर ले जाते हैं और उनमें तेल और पेट्रोल भरकर वापस लाते हैं। बिहार में पेट्रोल की कीमत ₹93 चल रही है वही नेपाल में पेट्रोल की कीमत ₹70 प्रति लीटर चल रही है जिसके चलते लोगों को सस्ता विकल्प नेपाल ही नजर आ रहा है।

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