देश-विदेशों में खगड़िया के करुआमोड़ के पेड़े की धूम, सालाना 20 करोड़ का कारोबार

डेस्क : बिहार की ऐसी कई खासियत हैं को पूरे देश मे प्रसिद्ध हैं जैसे लिट्टी चोखा, लेकिन एक मिठाई ऐसी हैं जो यहाँ के जिले से निकलर कई जगहों तक मशहूर हो गयी। जी हां यहां बात हो रही है। खगड़िया जिले के पेड़ा की। यहां के पेड़े की अपनी अलग पहचान है। बिहार ही नहीं देश के कई शहरों के अलावा नेपाल में भी यहां के पेड़े की मांग है। झारखंड के देवघर, पश्चिम बंगाल के सिल्लीगुड़ी, असम के गुवाहाटी, दिल्ली आदि सभी जगहों पर इस पेड़े की आपूर्ति होती है। केवल करूआ मोड़ के पेड़ा का सालाना कारोबार लगभग 30 करोड़ रुपये है।

अब तो शहर के आवास बोर्ड, धमारा घाट, महेशखूंट और मानसी सहित अन्य कई जगहों पर इस कारोबार का विस्तार भी हुआ है। वर्तमान में यह कारोबार 30 करोड़ से अधिक का हो गया है। खास बात यह कि जो भी लोग यहाँ से गुजरते हैं, यहां के पेड़ा का स्वाद चखना बिल्कुल नहीं भूलते। बताया गया कि NH 107 स्थित करुआमोड़ चौक में इस अद्भुत पेड़ा का कारोबार 35 साल से हो रहा है।

80 के दशक में मिली खगड़िया पेड़े को पहचान : करुआमोड़ के पेड़े को 80 के दशक में एक पहचान मिली थी। बताया जाता है कि एक छोटी सी दुकान में पिपरा निवासी शंकर साह ने पेड़ा बनाने की शुरुआत की थी। इसके बाद करुआमोड़ निवासी गुजाय साह ने इस कारोबार को शुरू किया। पेड़ा की मिठास और खुशबू से लोगों ने इसे पसंद करना शुरु किया था इसके बाद से पेड़ा की मांग क्षेत्र में बढ़ने लगी।

कई दिग्गज राजनेता ले चुके हैं यहां के पेड़े का स्वाद : खगड़िया के पेड़े का स्वाद चखना बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी नहीं भूलते। इनके अलावा पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव, केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान आदि यहां के पेड़े का स्वाद चखकर इसकी तारीफ भी कर चुके हैं।

सरकार से हैं मदत की उम्मीद : मुख्यमंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री और बिहार के ही रहने वाले एक बड़े केंद्रीय मंत्री सभी इस खगड़िया पेड़े की तारीफ कर चुके हैं लेकिन किसी ने भी इसे सरकार से प्रोत्साहन दिलवाने का कार्य नही किया। यहाँ के लोगो को अब भी सरकार से उम्मीद हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *