निर्दोष होते हुए भी 20 साल सजा काटने के बाद रिहा हुआ विष्णु, खो दिए माता-पिता और भाई -अब कही ये बात

डेस्क : भारत की कानून व्यवस्था कितनी जर्जर है यह आज आपको पता लगेगा। बता दें कि उत्तर प्रदेश ललित पुर जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसमें एक व्यक्ति को 20 साल की सजा दी गई थी। बीस साल के बाद जब सुनवाई की गई तो वह निर्दोष साबित हुआ और जब वह निर्दोष साबित हुआ तो उसे जरा भी खुशी नहीं हुई। खुशी कैसे हो आखिर घर के सभी सदस्य खत्म हो चुके थे। बता दे की जब वह 20 साल से अपनी सजा काट रहा था, तब उसके घर में रह-रहे 5 लोग खत्म हो गए।

यह घटना उत्तर प्रदेश ललित पुर जिले की है। जहां पर 20 साल तक एक आदमी को झूठे रेप के केस में जेल भेज दिया गया। जब उसके ऊपर हरिजन एक्ट लगाया गया तब जाकर उसको सजा से मुक्ति मिली। यह मामला उत्तर प्रदेश ललित पुर जिले के महरौनी कोतवाली का है जहां पर विष्णु नाम का व्यक्ति जब 18 साल का था तो उसको आजीवन कारावास की सजा दे दी गई थी।

यह सजा उसको वर्ष 2000 में मिली थी। जब घर के चिराग को जेल हुई तो उसके पिता को लकवा मार गया और इस तरह से उनकी मौत हो गई। लेकिन, इसके बाद विष्णु के भाई दिनेश तिवारी की हार्ट अटैक से मृत्यु हो गई और घर के सभी आदमी खत्म हो गए। बेटे की याद में मां भी भगवान के पास चली गई और पूरे परिवार में यह हादसे एक के बाद एक हुए। लेकिन, इन सभी के अंतिम संस्कार में वह शामिल नहीं हो सका।

ऐसे में जब परिवार में कोई नहीं बचा तो परिवार के अन्य सदस्य जैसे कि छोटे भाई महादेव तिवारी और भतीजा सत्येंद्र तिवारी साथ ही उनकी विधवा भाभी लगातार सवाल उठा रहे हैं कि क्या भारत की न्यायपालिका खत्म हो चुकी है ?क्या हुआ है, बीता हुआ समय वापस लाया जा सकता है ? आखिर कौन वापस करेगा वह 20 साल जो विष्णु ने जेल में बिताए ? बता दें कि विष्णु तिवारी ने अपना पूरा जीवन आगरा की जेल में बिताया लेकिन यह सारे घटनाक्रम हमें यह बताते है कि भारत की न्यायपालिका कितनी खराब व्यवस्था है। जहां एक और किसी फिल्म में काम करने वाले अभिनेता अभिनेत्री या किसी राजनेता को कुछ हो जाता है तो उसकी चर्चा सुर्खियों में आ जाती है। लेकिन, वही अगर किसी गरीब परिवार का कोई इंसान खत्म हो जाता है, तो आसपास वालों को खबर तक नहीं लगती। विष्णु ने बताया की “मुझे दुनिया बदली-बदली सी लग रही है, हमारा सरकार से एक ही अनुरोध है कि हमारे लिए कुछ किया जाए। हमारी ज़मीन भी इस केस में बिक गई।”

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