Bihar में होगा पॉलीप्रोपीलीन का उत्पादन, पेट्रोकेमिकल युग की होगी शुरुआत

डेस्क : केंद्रीय उपक्रम इंडियन ऑयल ने वित्तीय वर्ष 2021-22 के दौरान भी ऐतिहासिक प्रदर्शन किया है। उच्च रिफाइनिंग मार्जिन और वर्तमान समय के दौरान उच्च इन्वेंट्री लाभ के कारण वित्तीय वर्ष 2021-22 में इंडियन ऑयल ने सात लाख 28 हजार 460 करोड़ रुपये का संचालन कर राजस्व हासिल कर 24 हजार 184 करोड़ का मुनाफा भी अर्जित किया।

बरौनी रिफाइनरी के कार्यपालक निदेशक एवं रिफाइनरी प्रमुख R.K. झा ने कहा है कि यह लाभ इंडियन ऑयल का अब तक का सबसे सर्वाधिक शुद्ध लाभ है। इंडियन ऑयल ने साल 2021-22 के दौरान निर्यात सहित 86.407 मिलियन टन उत्पाद भी बेचे। इस दौरान हमारा रिफाइनिंग थ्रपुट 67.665 मिलियन टन और कॉर्पोरेशन के देशव्यापी पाइपलाइन नेटवर्क का पुट 83.248 मिलियन टन रहा। सकल रिफाइनिंग मार्जिन (GRM) पिछले वित्तीय वर्ष में 5.64 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल की तुलना में साल 2021-22 में 11.25 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पहुँचा था

बरौनी रिफाइनरी ने भी साल 2021-22 के दौरान अब तक का सर्वाधिक प्रदर्शन किया। हमारा GRM US डॉलर 12.66 प्रति बैरल था और 2049.98 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ भी दर्ज किया। हाल ही में इंडियन ऑयल को दुनिया में तेल एवं गैस उद्योग के शीर्ष ब्रांडों में से एक घोषित किया गया है, जो हमें एक बड़ी जिम्मेदारी व सफलता भी देता है। अब हमारा मंच बड़ा हो रहा है, जवाबदेही और भी प्रखर हो रही है। साल 1965 में स्थापित बरौनी रिफाइनरी देश और खासकर बिहार के आर्थिक एवं सामाजिक विकास में पिछले 57 वर्षो से समर्पित है।

उन्होंने कहा कि एक MMTPA क्षमता की बरौनी रिफाइनरी असम के कच्चे तेल को शोधित करने के लिए बनाई गई थी। आज यह 6 MMTPA क्षमता के साथ भारत ही नहीं पड़ोसी देश नेपाल की ईंधन की भी जरूरतों को भी पूरा कर रही है। आने वाले वर्षों में बरौनी रिफाइनरी 9 MMTPA की क्षमता के साथ पॉलीप्रोपीलीन का भी उत्पादन करेगी। पॉलीप्रोपीलीन का उत्पादन शुरू होने से स्थानीय लोगों को व्यापार के नए अवसर भी मिलेगे, रोजगार का सृजन भी होगा, बिहार में पेट्रोकेमिकल युग की शुरुआत होगी।

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