बिहार में आधी कीमत में मिलेगी बालू – 28 जिलों में शुरू होगा बालू खनन का काम..

डेस्क : बिहार में बालू की कीमतें अभी भले ही आसमान छू रही हो, लेकिन अगले महीने से राज्य में इसकी किल्लत भी दूर हो जाएगी। दरअसल 31 सितंबर तक बालू के खनन पर NGT की गाइडलाइन के मुताबिक रोक लगी हुई है, लेकिन अक्टूबर महीने से बालू खनन का काम भी शुरू हो जाएगा। बिहार के 28 जिलों के तकरीबन 900 बालू घाटों पर अक्टूबर से बालू खनन चालू होगा। मई 2022 तक सिर्फ 16 जिलों में करीब 435 बालू घाटों से ही बालू का खनन हो रहा था।

अभी बालू खनन पर NGT की रोक है। इसके तहत 31 सितंबर तक बालू का खनन नहीं होना है। नदियों में 3 मीटर से अधिक की खुदाई नहीं हो सकेगी। सरकार ने खनन की सीमा भी तय कर दी है। इतना ही नहीं नदियों के जलस्तर या तीन मीटर में जो कम होगा, वही खनन की सीमा भी होगी। इलके अलावा वे 300 मीटर के दायरे में ही बालू का भंडारण हो सकेगा । 5 किलोमीटर से आगे बालू भंडारण के लिए उन्हें अलग से लाइसेंस भी लेना होगा। बंदोबस्तधारियों को भंडारण स्थल का जियो कार्डिनेट के साथ भंडारण की मात्रा की ऑनलाइन पोर्टल पर भी जानकारी देनी होगी।

बालू खनन के बंदोबस्तधारियों को हर वर्ष बालू के बंदोबस्त के लिए 20 प्रतिशत ज्यादा राशि देनी होगी। राज्य सरकार की बालू खनन की नयी नीति में इसका प्रावधान किया है। बंदोबस्तधारियों को हर वर्ष पिछले वर्ष की तुलना में 120 प्रतिशत राशि देनी होगी। राज्य सरकार ने सभी जिलों में बालू खनन के लिए टेंडर की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। सभी जिलों के DM को इसकी जिम्मेवारी सौंपी गयी है। पहली बार नये प्रावधान के तहत बालूघाटों की बंदोबस्ती जिलों को ही करनी है। बालू की बिक्री सिर्फ ऑनलाइन ही होगी। छोटे, मध्यम और बड़े उपभोक्ता इसी माध्यम से बालू खरीद सकेंगे। इस कारण हर साल बालू के बाजार की कीमत बढ़नी भी तय है।

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