Bihar में अब नीलगाय को मारने के लिए निशानेबाज होंगे तैनात, जानिए – सरकार ने क्यों लिया ये फैसला

डेस्क : वन्य जीवन संरक्षण अधिनियम 1972 (Wildlife Protection Act 1972) के प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए वन विभाग ने राज्य द्वारा नियुक्त निशानेबाजों द्वारा संरक्षित क्षेत्र के बाहर इन जानवरों की पहचान करने और उन्हें मारने की अनुमति देने के लिए मुखिया को नोडल प्राधिकरण (Nodal Authority Head) के रूप में नियुक्त भी कर दिया हैं।

बिहार राज्य के कुछ जिलों में नीलगाय और जंगली सुअरों द्वारा बड़े पैमाने पर फसल को नुकसान पहुँचाया जा रहा था इस पहुंचाने से चिंतित बिहार सरकार ने संरक्षित वन क्षेत्र के बाहर उन्हें मारने के लिए लाइसेंसधारी और पेशेवर निशानेबाजों (shooters) को नियुक्त करने का फैसला किया है. पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन विभाग के प्रधान सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने कहा कि किसानों द्वारा दर्ज की गई फसल क्षति की शिकायतों का आकलन करने के लिये मुखिया को कहा गया है.

उन्होंने बताया कि राज्य द्वारा नियुक्त किए जाने वाले निशानेबाजों द्वारा खेतों में भकटते हुए पाएं जाने वाले इन जानवरों को मार देने के लिये आदेश दिया जायेगा. उन्होंने बताया कि नीलगाय और जंगली सुअर मुजफ्फरपुर, वैशाली, सीतामढ़ी, भोजपुर और शिवहर जिलों में बड़े पैमाने पर कृषि फसलों को नष्ट कर रहे हैं। वन्य जीवन संरक्षण अधिनियम 1972 के प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए वन विभाग ने राज्य द्वारा नियुक्त निशानेबाजों द्वारा संरक्षित क्षेत्र के बाहर इन जानवरों की पहचान करने और उन्हें मारने की अनुमति देने के लिए मुखिया को नोडल प्राधिकरण के रूप में नियुक्त किया गया है. अरविंद कुमार चौधरी ने बताया कि यह काम वन विभाग के अधिकारियों के समन्वय से ही किया जाएगा.

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