पहले जीते थे गरीबी की जिंदगी..अब जी रहे हैं रॉयल्टी में.. जानिए – ‘काचा बादाम’ के भुबन बड्याकर की सक्‍सेस स्‍टोरी

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डेस्क : कच्चा बादाम तो आप सभी ने सुना होगा इस पर लाखों करोड़ों रीलस बन चुके हैं इंडियन हि नही विदेशी भी इस पर रिल्स बना रहे है। लेकीन आज भी कुछ लोग को नहीं पता यह गाना कहा से आया किसने बनाया और इस गाने की पिछे की सच्चाई क्या है।

इस गाने को देश में हि नहीं विदेशों में भी ख्याति मिली है। लेकिन इस गाने के रचयिता आज भी बंगाल के बीरभूम जिले में एक झोंपड़ी में रहकर मूंगफली यानि कच्चे बादाम ही बेच रहे हैं। आइए जानते हैं कच्चे बादाम के भुवन भुवन बड्याकर की कहानी… जब आप सोशल मीडिया पर स्क्रॉल करते हैं, तो आपने कभी न कभी कच्चे बादाम गाते हुए देखा होगा।

इन दिनों ट्रेंडिंग वीडियोज में कच्चे बादाम गाने का काफी क्रेज है। आपको बता दें, बंगाल के एक छोटे से शहर में बादाम बेचने वाले भुबन बड्याकर रातों-रात मशहूर हो गए, जब किसी ने बादाम बेचने के उनके अनोखे अंदाज को रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर डाल दिया। भुवन के बादाम बेचने के अनोखे अंदाज से लोग प्रभावित हुए और कुछ ही समय में वह सोशल मीडिया पर वायरल हो गए।

उस वीडियो की लोकप्रियता यह है कि इसे अब तक 50 मिलियन से ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं और इसे लाखों में शेयर भी किया जा रहा है। भुवन को अपनी प्रसिद्धि का एहसास तब हुआ जब उनके शहर में दूर-दूर से लोग उनसे मिलने आने लगे। लोग आए और उसके साथ फोटो और वीडियो बनाने लगे। सोशल मीडिया से अनजान भुवन बड्याकर को इस बात का अंदाजा नहीं था कि वह इंटरनेट सेंसेशन बन गए हैं।

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200 रुपए कमाएं भुबन बड्याकर : बातचीत के दौरान भुवन कहते हैं, मैं इसे ऊपरवाले का आशीर्वाद मानता हूं कि उन्होंने मुझे इस लायक समझा. मैं बस्ती में रहता हूं और यहां से कच्चे बादाम (मूंगफली) बेचता हूं। जीवन थोड़ा-थोड़ा बदल रहा है। अपनी निजी जिंदगी के बारे में भुवन कहते हैं, मैं 50 साल का हूं। मेरे दो बेटे और बहू हैं। बेटी की शादी हो चुकी है। मैं पेशे से मूंगफली (कच्चे बादाम) बेचता हूं। कच्चे बादाम बेचकर रोज 200 से 250 रुपये कमा लेता हूं। मेरी पत्नी लोकप्रियता से बहुत खुश हैं और परिवार के सदस्य भी खुश हैं।

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भुबन बड्याकर को कच्चे बादाम के Music वीडियो के लिए पैसे नहीं मिले : भुवन रॉ बादाम के एक म्यूजिक वीडियो में भी नजर आ चुके हैं। अपना अनुभव साझा करते हुए भुवन कहते हैं, मैं बहुत खुश हूं कि मैं हीरो बन गया हूं। गांव में आकर लोग कहने लगे कि भुवन, तुम मशहूर हो गए, मैंने पूछा रे कैसे, तो उसने बताया कि उसने वीडियो अपलोड कर दिया है। बांग्लादेश से कई लोग मुझसे मिलने आते हैं, फोटो खिंचवाते हैं। मैंने स्टूडियो में गाना गाया है, मुझे वहां पैसे नहीं मिले हैं। मेरा 60-40% का एग्रीमेंट है, जिसका पैसा नहीं मिला है।

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उसने कहा है कि वह पैसे देगा लेकिन अभी तक कुछ पता नहीं चला है। जो आते हैं, वे मुझे पांच सौ से दो तीन हजार सौंपकर रिकॉर्ड करते हैं और चले जाते हैं। YouTube से लोग कुछ पैसे देकर आते हैं और चले जाते हैं, जबकि स्टूडियो ऑडियो और वीडियो जो रिकॉर्ड किया गया है, कोई पैसा नहीं मिला है। भुवन आगे बताते हैं, मेरी लोकप्रियता को देखकर लोग मुझे अपनी पार्टी में बुलाते हैं. चाहे पंडाल हो या सरस्वती पूजा का कोई कार्यक्रम, वे मुझसे गाने गाते हैं, यहां गाने गाने के लिए पैसे देते हैं।

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ग्रामीणों ने बाहरी लोगों पर प्रतिबंध लगाया : भुवन के करीबी बताते हैं कि बाहर से आय लोगों द्वारा भुवन का शोषण होता देख गांव वालों ने अब उनके भुवन से मिलने पर रोक लगा दी है. ग्रामीणों का कहना है कि लोग भुवन का उपयोग करके चले जाते हैं और उन्हें उनका हक नहीं देते हैं। ऐसे में अब कोई बाहरी व्यक्ति ग्रामीणों की सहमति के बिना भुवन से नहीं मिल सकता।