NEET परीक्षा में कम अंक आने पर छात्रा ने की आत्महत्या, पिता ने कहा होनहार थी बेटी

aatm hatya

डेस्क : परीक्षा को परीक्षा ही रहने देना अच्छा है। किसी भी परीक्षा को मौत का कारण नहीं बनने दें। विद्यार्थियों को सोचना होगा कि सफलता-असफलता जीवन का एक हिस्सा है। उन्हें इस पंक्ति को याद रखना होगा “लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती, कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।” अर्थात जो कोशिश करता है वो अवश्य सफल होगा।

इसलिए हार मान कर गलत कदम ना उठाएं। दअसल नीट की परीक्षा में अपेक्षा से कम अंक आने पर 19 वर्षीय छात्रा लक्ष्मी कुमारी उर्फ गुड़िया ने आत्महत्या कर ली। असफलता से घबराकर पहले हाथ की नस काटी, उसके बाद फंदे से लटककर प्राण त्याग दी। नगर थाना क्षेत्र के मीर गंज निवासी लक्ष्मी के पिता भागवत चौधरी रिफाइनरी में मैकेनिकल डिपार्टमेंट में सहायक प्रबंधक के पद पर हैं। इस संबंध में मृतका लक्ष्मी के पिता ने बताया कि उनकी बेटी नीट की परीक्षा में दूसरी बार अटेंड की थी। इसबार भी अच्छे अंक ना आने पर उसने यह कदम उठा ली।

भागवत चौधरी ने कहते है कि सोमवार की रात को वे नाईट ड्यूटी के दौरान अपने कार्यालय में ही थे। रात को करीब 9 बजे लक्ष्मी ने उन्हें फोन करके बताया कि नीट का रिजल्ट आ गया है। परंतु लिंक उसे नहीं मिल रहा है। इस कारण से वह अपना परिणाम नहीं देख पाई है। वहीं अगले मंगलवार की सुबह करी 6 बजे घर से फोन आता है कि लक्ष्मी ने फांसी लगा कर सुसाइड कर लिया है। इसके बाद आनन-फानन में परिवार वालों ने लक्ष्मी को बरौनी रिफाइनरी के अस्पताल में ले गए। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जिसके बाद परिवार में मातम छा गया।

बेहतरीन डाॅक्टर बनने का था सपना

बतादें कि सोमवार की रात लक्ष्मी अपनी बहन के साथ रूम में सोई थी। जहां रात को उसने बहन को सोया देख अपने कलाई की नस काटने के बाद पंखे दुपट्टा बांध फंदा लगा कर दुनिया से चली गई। लक्ष्मी के पिता ने बताया कि लक्ष्मी कुमारी का एक बेहतरीन डॉक्टर बनने का सपना था। मृतिका अपनी दो भाई और दो बहन में पढ़ने में सबसे अधिक तेज व लगनशील थी। नीट की परीक्षा परिणाम में कम अंक आने पर उसने जान दे दी। घटना की सूचना पुलिस को मिलते ही वहां पहुँच शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया।

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