खुश हो जाइए! Bihar के नालंदा विश्वविद्यालय में शुरू हुई पढ़ाई, 31 देशों के छात्रों ने लिया प्रवेश, जानें – सबकुछ..

डेस्क : विश्व प्रसिद्ध नालंदा विश्वविद्यालय एक बार फिर अपने शिक्षा से देश-विदेश को शिक्षित करने जा रहा है। नालंदा विश्वविद्यालय एक बार फिर अस्तित्व में लौट आया है। इस विश्वविद्यालय की ख्याति पूरे विश्व में थी। यहां देश-विदेश के 10,000 से अधिक छात्र अध्ययन करते थे। इसके बाद 12वीं शताब्दी के सन 1193 में क्रूर मुगल साम्राज्य के राजा बख्तियार खिलजी की नजर इस पर पड़ गई। उसने विश्वविद्यालय में आग लगा दी। बताया जाता है किसकी लाइब्रेरी इतनी बड़ी थी कि 6 महीने तक किताबें जलती रही। अब इस विद्यालय को एक बार फिर स्थापित कर दिया गया है।

विश्वविद्यालय में 31 देशों के छात्र अध्ययनरत हैं। इनमें 180 विदेशी और 630 भारतीय छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। यहां सुरक्षा व्यवस्था ऐसी है, जिसमें परिंदा भी पर नहीं मार सकेगा। इसकी इंफ्रास्ट्रक्चर की बात करें तो काफी खूबसूरत है। इसे काफी खूबसूरत बनाया गया है। वहीं इस नए कैंपस पर पूरे विश्व का नजर है। लोग इस नए विश्व नालंदा विश्वविद्यालय को देखना और इसके बारे में जानना चाह रहे हैं।

इस नए नालंदा विश्वविद्यालय का निर्माण पुराने यूनिवर्सिटी के तर्ज पर ही किया गया है। इस कैंपस में सभी सुविधाएं मौजूद होगी। विश्वविद्यालय परिसर में मेडिकल सुविधा, घूमने की सुविधा, सहित तमाम सुविधाएं दी गई है। सोमवार को विश्वविद्यालय में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। विश्वविद्यालय की कुलपति सुनैना सिंह ने कई बड़ी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हम 2019 से ही कई कार्यक्रम कर रहे हैं। लेकिन अब हमारे छात्र विश्वविद्यालय परिसर में ही रहकर पढ़ाई करेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि इंटरनेशनल फैकल्टी भी पढ़ा रहे हैं। वे अभी फिलहाल ऑनलाइन ही पढ़ा रहे हैं। कुलपति ने बताया कि एमबीए प्रोग्राम के लिए 100 फीसदी प्लेसमेट की व्यवस्था है। कुलपति कहती हैं, 800 साल बाद नालंदा विश्वविद्यालय फिर शिक्षा की ज्योति से चमक उठी है।

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