मुश्किल में फंसे नवजोत सिंह सिद्धू: सुप्रीम कोर्ट ने 26 साल पुराने मामलें में सुनाई 1 साल की सज़ा

Desk : पूर्व क्रिकेटर, पूर्व विधायक, कमेंटेटर, और कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू को 1 साल की सज़ा हो गई हैं। सुप्रीम कोर्ट ने 26 साल पुराने मामलें में 1 साल की सज़ा सुना दी हैं। 26 साल पहले 1988 में नवजोत सिंह सिद्धू के हमले से एक बुजुर्ग की मौत हो गई थी।

क्या था पूरा मामला? 27 दिसंबर 1988 को सिद्धू के खिलाफ रोडरेज का मामला दर्ज हुआ। सिद्धू का पार्किंग को लेकर पटियाला में 65 साल के बुजुर्ग के साथ झगड़ा हो गया था, आरोप हैं कि झगड़ा हाथापाई तक पहुँच गया था जिसमें गुरनाम सिंह को मुक्का मार दिया था इसके बाद उनकी इलाज के दौरान मौत हो गयी थी। पटियाला के सेशन कोर्ट में गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ जिसमें इनको 1999 को बरी करदिया गया था। फिर यह मामला हाइकोर्ट पहुँचा और वहां इनपर 3 साल की सज़ा और 1 लाख का जुर्माना की सज़ा सुनाई थी।

फिर पहुँचा यह मामला सुप्रीम कोर्ट : हाईकोर्ट से सज़ा के खिलाफ सिद्धू ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और 304 IPC की धारा गैर इरादतन हत्या के आरोप में इनको बरी करदिया गया। लेकिन IPC की धारा 323, चोट पहुंचाने के लिए सिद्धू को दोषी करार दिया गया। कुछ महीनों बाद इनको 1000 रुपये का जुर्माना लगाकर छोड़ दिया गया। लेकिन आज कोर्ट ने इनको फिर से सजा सुनाई हैं और 1 साल की सज़ा के तौर पे पंजाब पुलिस को आदेश पालन करने के निर्देश दे दिए हैं।

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