2 बच्चों की माँ ने घर की जिम्मेदारी निभाते हुए पास की BPSC परीक्षा, अब अफसर बन करेगी पूरे बिहार का नाम ऊंचा

Tarbu Khatun BPSC

डेस्क : ग्रामीण इलाकों में मुस्लिम महिलाओं को परदे से बाहर निकालने के लिए 64वीं BPSC परीक्षा ने अहम योगदान दिया है, बता दें कि बिहार के गोपालगंज के माझा प्रखंड में स्थित धोबलिया गांव में हबीब रहमान की बेटी तब्बू खातून ने BPSC की परीक्षा पास की है। उन्होंने यह परीक्षा पहले प्रयास में पास की है। पहली बार में सफलता हासिल करने के चलते वह बेहद खुश हैं और साथ-साथ पूरा परिवार मिठाई बांटकर खुशी मना रहा है, बता दें कि उनके आगे अनेकों परेशानियां आई लेकिन उनके दो बच्चे की सकारात्मक सोच एवं परिवार के सहयोग से बीपीएससी की परीक्षा पहली बार में पास हो गई।

जब इंसान की जिंदगी में मंजिलें तय होती हैं तो जैसी भी मुश्किल परिस्थितियां आएं, वह उससे निपट लेता है। कुछ ऐसा ही करके दिखाया है, हबीब रेहमान की बेटी तब्बू खातून ने। तब्बू की शादी चंपारण में रहने वाले जाहिद हुसैन से हुई थी। जाहिद गुड्स गार्ड में नौकरी करते हैं । BPSC की परीक्षा जाहिद हुसैन ने दी तो वह पास नहीं हो सके। लेकिन जब उनकी पत्नी यानी कि तब्बू खातून ने परीक्षा दी तो वह सफल हो गई। बता दे की तब्बू खातून के पास किसी भी प्रकार का संसाधन नहीं था और वह दो बच्चों की जिम्मेदारी निभा रही थी, लेकिन संघर्ष करने वालों की हार नहीं होती और इस वक्त वह जिला आपूर्ति पदाधिकारी बन गई है।

तब्बू खातून ने बताया कि पूरे भारत में बिहार का शिक्षा स्तर काफी पिछड़ा हुआ है ऐसे में जब उन्होंने बीपीएससी की तैयारी शुरू की तो बहुत सी चीजों का अंदाजा लगा। साथ ही साथ उन्हें भारत के संविधान के बारे में जानने का मौका मिला। तब्बू ने आगे बताया की पूरी तैयारी का श्रेय शौहर और सभी परिवार वालों को जाता है। तब्बू खातून का कहना है कि पढ़ाई करना महिलाओं का अधिकार है लेकिन किसी ने किसी वजह से उनको यह अधिकार नहीं पाता है क्योंकि महिलाएं खुद ही इस अधिकार के प्रति सजग नहीं है।

इस अवधारणा में मैंने अपने दिमाग को समझाया और फैसला किया कि मैं कड़ी मेहनत करूंगी और समाज के लिए एक अच्छा उदाहरण पेश करूंगी। साथ ही साथ पिछड़ी महिलाओं की आवाज को उठाकर आगे लाऊंगी। उन्होंने कहा कि इस परीक्षा में पति ने मेरा बहुत सहयोग किया है क्योंकि उन्होंने मेरी चेतना को एक नए आयाम तक पहुंचाया है। जब उनके शौहर जाहिद हुसैन से बात की गई तो उन्होंने कहा कि जो मैंने किया उसमें मैं सफल नहीं हो पाया। लेकिन मेरी पत्नी ने वह कर दिखाया जो मैंने सपने में भी नहीं सोचा था।

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