सबसे कम उम्र की MLA, विधायक का यह अनोखा अंदाज आपको हैरान कर देगा, घोड़े पर सवार होकर विधानसभा पहुंच गई

MLA youngest vidhayak Jharkhand

डेस्क : झारखंड हजारीबाग के बड़कागांव विधानसभा सीट पर एक ऐसी महिला विराजमान है जिसकी उम्र मात्र 31 वर्ष है। वह अविवाहित हैं और इस वक्त वह बड़कागांव विधानसभा की नेता है। उन्होंने अपनी कम उम्र में काफी ज्यादा संघर्ष झेला है। आज हम उन्हीं के बारे में आपको बताने वाले हैं। वह 2019 के चुनाव में जीत हासिल कर चुकी हैं। उन्होंने यह जीत 30140 वोटों से दर्ज की है।

आपको बता दे अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर सोमवार को रांची में कांग्रेस विधायक अंबा प्रसाद ने महिला दिवस को अपने ही अंदाज में मनाया। उन्होंने घोड़े पर सवार होकर विधानसभा पहुंचीं। जब महिला विधायक को घोड़े पर सवार देख विधानसभा के बाहर सभी लोग हैरान रह गए। उनसे घोड़े पर सवार होकर विधानसभा पहुंचने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि यह घोड़ा उन्हें गिफ्ट में मिला है। उन्होंने कहा कि यह घोड़ा मुझे अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर कर्नल (सेवानिवृत्त) रवि राठौर ने उपहार में दिया गया है।

अंबा के पिता योगेंद्र साहू ने 2009 में चुनाव जीता था और मां निर्मला देवी ने 2014 में चुनाव जीता था। लेकिन, उनके माता-पिता को जेल की सलाखों के पीछे रहना पड़ा। उस वक्त अंबा पढ़ाई कर रही थी और उनको पढ़ाई छोड़कर बीच में ही घर आना पड़ा। जब घर लौटी तो उन्होंने वकालत की और उनके माता-पिता पर चल रहे मुकदमे को देखने लगी हैं।

उन्होंने कहा है कि उनके पिताजी को चुनाव से दूर रखने के लिए उनपर साजिश रची गई है। बड़कागांव में जंगल पानी और जमीन के लिए लड़ाई काफी समय से चल रही है। वह अपने पिता को छुड़ाने के लिए कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं एवं राहुल गांधी से भी मिल चुकी हैं। उनसे उन्होंने गुहार लगाई है कि उनके पिता को छुड़ाने के लिए वकील करवाया जाए। कई नेताओं ने उनकी बढ़-चढ़कर मदद की है। वह कहती है कि अगर उन्हें झारखंड के किसी और मंत्री पद पर बैठने का मौका मिलता है तो वह जरूर बैठेंगी।

वह पूरी निष्ठा और भली-भांति एक अच्छे नेता के रूप में कार्य भी करेंगी।वह अपने क्षेत्र बड़कागाँव से काफी लंबे वक्त से काम कर रही हैं। ज्यादा जानकारी के लिए बता दें कि लोग अब उनको शिक्षा मंत्री बनने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उन्होंने 2012 में बीआईटी रांची से बीबीए स्नातक पास किया हुआ है। इसके बाद 2014 में जेवियर इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल सर्विस से पीजीडीएम भी किया हुआ है। उनके पास वकालत की डिग्री भी है। बता दें की 2016 में एक गोली कांड के चलते पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार भी कर लिया था लेकिन गांव वालों ने उनको पुलिस थाने जाकर छुड़वा लिया था। वह जनता का समर्थन जीतकर विधानसभा में पहुंची है।

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