अक्सर हम घर से बाहर निकलने से पहले खुद पर परफ्यूम जरूर लगाना पसंद करते हैं, ताकि पूरा दिन आस पास से निकलने वाले हर किसी को उस खुशबू का अहसास हो.

BY KUMARI MILI

शरीर में आने वाली गंध किसी को भी पसंद नहीं होती है.  शरीर की गंध से बचने के लिए हम कई तरह के खुशबू वाले महंगे से महंगे प्रोडक्ट्स का यूज करते हैं.

लेकिन इन खुशबू वाले प्रोडक्ट में जो सबसे आम है वह है डियोड्रेंट  (Deodorant) या एंटीपर्सपिरेंट. डियोड्रेंट या एंटीपर्सपिरेंट का अधिक इस्तेमाल ब्रेस्ट कैंसर (Breast Cancer)के जोखिम से जुड़ा हुआ है।

 डियोड्रेंट्स या एंटीपर्सपिरेंट स्तन कैंसर का कारण बन सकता है. स्तन ही अंडरआर्म के सबसे करीब वाला भाग होता है, जिस कारण से इस कैंसर के चांस होते हैं.।

 अमेरिकन कैंसर सोसाइटी और राष्ट्रीय कैंसर संस्थान की मानें तो स्तन कैंसर के जोखिम को डियोड्रेंट्स और एंटीपर्सपिरेंट्स को जोड़ने के बहुत ही मजबूत परिणाम नहीं मिले हैं.

इस रिपोर्ट में भी एंटीपर्सपिरेंट्स, डियोड्रेंट्स या अंडरआर्म शेविंग और स्तन कैंसर के बीच कोई संबंध नहीं पाया गया है. जबकि 2003 और 2009 के एक शोध में कहा गया है कि ये आपसी लिंक संभव हैं।

हर एक इंसान की बॉडी अलग तरह की होती है. जरूरी नहीं जो चीज एक इंसान को सूट करे वो दूसरे को भी ठीक वैसे ही कारगर हो. हम कुछ प्राकृतिक और अपने आप ही दुर्गन्ध दूर करने वाले विकल्प को अपना सकते हैं, 

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